बलौदाबाजार:- जंगल, जानवर और जमीन की सुरक्षा अब भगवान भरोसे.
बार अभ्यारण्य में विगत दिवस चीतल शिकार में रंगे हाथों पकड़े गए 2 आरोपी से गहन पूछताछ में कई ब्यक्तियो के नाम आये और वन विभाग ने टीम बनाकर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमे सिनोधा से बंदूक कारतूस, और शिकार में उपयोग करने हेतु हथियार बरामद कर अभी तक 6 ब्यक्तियो को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं अभी भी दो मुख्य आरोपी पकड़ के बाहर है।
वन विभाग के द्वारा लगातार प्रयास जारी रखते हूए बार से 4 संदेही ब्यक्तियो से पूछताछ करने हेतु बुलाये जाने पर ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच नोक झोंक होने के साथ ही मामला यहां तक पहुँच चुका की वन विभाग के अधिकारियों को अपने विभाग देवपुर, सोनाखान, और पुलिस चौकी बया, थाना राजादेवरी को अपनी सुरक्षा हेतु बुलाया गया, जब जाकर मामला शांत हुआ।
वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों का कहना है हमे जंगल ,जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए ही पदस्थ किया गया है, जब मामले की जांच कर रहे है तो ग्रामीणों को सहयोग करना चाहिए, जबकि ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया गया, कार्यालय का धेराव किया गया, एसडीओ मिश्रा का कहना है हमारे कर्मचारी दहशत में है। ऐसे में हम आरोपियों पर क्या कार्यवाही कर सकते है। या इस क्षेत्र को सेंचुरी से अलग कर दिया.

इधर ग्राम प्रमुखों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा बेवजह 4 ब्यक्तियो को घर से उठा कर लाया गया जब रात भर नही आये तो परिजनों द्वारा पूछताछ हेतु कार्यालय में कुछ ग्रामीणों के साथ गए थे । तो वहां प्यारेलाल मिश्रा जो कि देवपुर में पदस्थ थे और अभी रिटायर्ड हो चुके है के द्वारा कार्यालय जाने से रोका गया, जिसके साथ कुछ वाद विवाद हुआ. अधिकारियों से 4 ब्यक्तियो के बारे में पूछे जाने पर सही जवाब नही देने से परिजन भड़क उठे ।
इस तरह से दोनों पक्षो के तर्कों को देखा जाय तो बार अभ्यारण्य की रक्षा अब किसके हाथ मे कौन करेगा जंगली जानवरों की सुरक्षा, अब सवाल उठ रहा है।