कौन होगा बसना नगर का अध्यक्ष ?
नगरीय निकाय चुनाव मे बसना नगर में नीलांचल के सदस्यों को 06, कांग्रेस 05, भाजपा 03, निर्दलीय को 01 सीट मिला है. जिसके बाद बसना नगर पंचायत का अध्यक्ष कौन होगा यह कहना अब लोगों के लिय मुश्किल हो गया है.
एक जीते हुए निर्दलीय प्रत्याशी को लेकर कांग्रेस और नीलांचल दोनों ही अपने खेमे में करना चाहती
है, अगर निर्दलीय ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया तो नीलांचल और कांग्रेस 6, 6 में
आ जायेंगे ऐसे में अध्यक्ष किसका बनेगा यह कह पाना मुश्किल होगा. वहीं निर्दलीय द्वारा
अगर नीलांचल के प्रत्याशी को समर्थन दिया
जाता है तो नीलांचल प्रत्याशी के चुने जाने की राह आसन हो जाएगी.तब अगर अध्यक्ष चुनाव के लिए मतदान की आवश्यकता
पड़ती है तो ऐसे में नीलांचल के प्रत्याशी को सबसे अधिक मत मिलेंगे. क्योंकि
कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशी का एक दुसरे को समर्थन देना संभव नहीं है. ऐसे
में ये लड़ाई केवल नीलांचल और कांग्रेस के बीच हो जाती है.
वहीं नीलांचल सेवा समिति के संरक्षक संपत अग्रवाल की अगर बीजेपी में वापसी हो जाती है तो बसना नगर पंचायत में बीजेपी का दुबारा कब्ज़ा हो जायेगा मगर ऐसी संभावनाए केवल यह कहकर जताई जा रही है कि राजनीति में कभी कुछ भी हो सकता है. यहाँ तक की लोगों की चर्चाओं में यह बात भी है कि संपत कांग्रेस को भी समर्थन दे सकतें है.
वर्त्तमान में नीलांचल की ओर से अध्यक्ष पद के जो दावेदार बताये जा रहें है उसमे गजेन्द्र साहू का नाम आ रहा है, अगर नीलांचल के सदस्यों द्वारा कांग्रेस या बीजेपी में से किसी को समर्थन दिया जाता है तो ऐसे में अध्यक्ष कांग्रेस या बीजेपी का भी हो सकता है जबकि उपाध्यक्ष नीलांचल का, या फिर किसी बात पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए नीलांचल के सदस्य की ही सहमति बने. अगर अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के निर्वाचन के लिए मतदान की आवश्यकता पड़ती है बड़ा की रोचक नजारा देखने को मिलेगा.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर पंचायतों के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के निर्वाचन के लिए कलेक्टरों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है. परिपत्र के अनुसार जहां अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों के निर्वाचन के लिए मतदान आवश्यक हो वहां पीठासीन प्राधिकारी द्वारा अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए दो पृथक-पृथक मतपेटी रखी जायेगी. जिसे उपस्थित पार्षदों को खोल कर दिखाया जाए और उसके बाद बंद करके ताला लगा दिया जायेगा.
सभी पार्षदों को दिशा-निर्देशों को पढ़कर सुनाया जायेगा, मतदान के बाद मतगणना की कार्यवाही करते हुए पृथक-पृथक अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कुल प्राप्त मतों को विधिमान्य मत और अविधिमान्य मतों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तैयार किया जायेगा और जिस अभ्यर्थियों को अधिक मत प्राप्त हुए हो उन्हें क्रमानुसार प्राधिकारी अध्यक्ष पद हेतु तथा उपाध्यक्ष पद हेतु सम्यक रूपेण निर्वाचित घोषित किया जायेगा.