पूर्ण शराब बंदी वादा तो किया पर अमल नही
छत्तीसगढ़ सरकार के माननीय भूपेश बघेल ने वादा किया और अपनी चुनाव एजेंडा में ये बात शामिल किया था कि यदि हमारी सरकार आती है तो छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी होगी।
चुनाव के बाद में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस आयी और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री चुने गए । आज करीबन 1 वर्ष हो चूका है, शराब पूर्ण बंदी के बजाय शराब कोचियों गांव में अपनी पैर जमा रहे है ।
आज शराब के लिए युवा पीढ़ी को शराब दुकान में शराब लेने के लिए लाइन में देख सकते है। किसानों के कर्ज माफी के लिए 2 दिन में किया। और लागू किया। इसके लिए कोई भी कमेटी नही बनाई गई। जब शराब बंदी की बात आई तो माननीय भूपेश बघेल से और मंत्रियों से पूछा जाता है तो कहा जाता है कि विधनसभा में कमेटी बनाया गया है । ये बाहर अन्य प्रदेशों में जाकर जानकारी लेंगे की पूर्ण शराब बंदी पर क्या असर होने वाला है । फिर लागू करेंगे।
तो आम जनता सवाल प्रेस के माध्यम से पूछ रही है कि शराब बंदी की घोषणा के पहले ये बात कह देना था कि हमारी सरकार आएगी तो पूर्ण शराबबंदी पर विचार करेंगे। इस तरह से जनता को लुभाने वाले वादा कर सत्ता हथियाने का काम न करे ।
आज दिनों दिनों शराब के कारण कई परिवार उजड़ रहे है । खासकर महिलाओं का वोट प्रतिशत ज्यादा रहा है कांग्रेस के पक्ष में, लेकिन आज महिलाओं का आक्रोश कांग्रेस सरकार पर है, यदि जल्द से जल्द शराबबंदी पर फैसला नही जाएगा तो कांग्रेस के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश सहने को तैयार रहे.