भटक कर गांव आ पहुंचे चीतल को मिला नया जीवन : वन विभाग ने जंगल ले जाकर छोड़ा
जंगल से भटक कर गांव आ पहुंचे एक चीतल को वन
विभाग की टीम ने सुरक्षित रूप से बचाया है। लगभग 4 साल के नर चीतल को अपने
कब्जे में लेकर विभाग की उड़न दस्ता दल ने नजदीक के जंगल में विचरण के लिए
मुक्त कऱ दिया है। वन मण्डलाधिकारी श्री अरविन्द व्यास ने बताया कि
बलौदाबाजार वन परिक्षेत्र में जंगल से भटक कर एक चीतल आज सबेरेे ग्राम
कोहरौद आ पहुंचा। लगभग 4 बरस का नर चीतल गांव के आदिवासी किसान श्री रूपचंद
पैकरा के निवास पर शरण लिये हुए था। श्री पैकरा ने जंगली जानवर को
सुरक्षित रखकर वन विभाग तक इसकी सूचना पहुंचवाई। वन विभाग ने तत्काल हरकत
में आते हुए रेंजर राकेश चौबे के नेतृत्व में टीम कोहरौद के लिए रवाना
किया। टीम ने गंाव पहुंचकर रूपचंद के कब्जे से चीतल अपने सुपुर्द में लिया।
चीतल के स्वास्थ्य की जांच की गई। कहीं पर भी चोट के निशान नहीं पाये गये।
बाकायदा इसका पंचनामा एवं फोटोग्राफी भी कराई गयी। चीतल के पूर्ण स्वस्थ
होने का यकीन हो जाने के बाद इसे शासकीय वाहन से ले जाकर धाराशिव के जंगल
में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन मण्डलाधिकारी ने वन्य पाणी की सुरक्षा में
किसान रूपचंद पैकरा के योगदान की सराहना की है और उन्हें सार्वजनिक
कार्यक्रम में सम्मानित किये जाने की घोषणा की है।