मुख्य कार्यपालन जिला पंचायत बलौदाबाजार के आदेश का खुला उल्लंघन.
31 जुलाई 2017 को मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलौदाबाजार के पदांकन आदेश का तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षाआधिकारी के0एन0 वर्मा कसडोल के द्वारा आदेश का पालन न करवाते हुए नियम विरुद्ध ब्यवस्था पर टिके रहना और वही स्कूल में पदांकन कर अपनी तानाशाही का कारनामा किया गया है ।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत बलौदाबाजार के वर्ष 2017 के पांडुराम दीवान कसडोल विकासखण्ड के दर्रा प्राथमिक शाला में शिक्षाकर्मी के पद पर पदस्थ है, उक्त शिक्षक को दर्रा से दिनांक 13।07।2017 को प्राथमिक शाला देवगॉंव(बार) मे शैक्षणिक ब्यवस्था किया गया। इसी माह ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हो रहे स्कूलों में एकल शिक्षकीय स्कूलों में पदांकन का आदेश छ0ग0 शासन पंचायत एवम ग्रामीण विकास विभाग, महानदी भवन, मंत्रालय, नया रायपुर के आदेश क्रमांक/पंचा/पंग्राविवि/22/141/नया रायपुर, दिनाक 31।07। 2017 को शालाओ में शिक्षक पंचायत संवर्ग की समुचित ब्यवस्था सम्बन्धी निर्देशानुसार पदांकित किये जाने हेतु शिक्षा अधिकारी कसडोल को सूचनार्थ किया गया था।
जिसमे पांडुराम दीवान को मोहदा प्राथमिक शाला में पदांकन किये जाने का निर्देश है । क्योंकि मोहदा प्राथमिक शाला में प्रधानपाठक माधुरी साहू थी 2017 में स्थानातंरण के कारण मोहदा स्कूल एकल शिक्षकीय हो गया जिसके कारण पांडुराम दीवान को पदांकित स्कूल में कार्यभार ग्रहण करना था।
तत्कालीन विकासखण्ड शिक्षाआधिकारी के0एन0 वर्मा के द्वारा जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी के आदेश की अवहेलना करते हुए पांडुराम दीवान को देवगांव स्कूल में ही ब्यवस्था पर ही रहने और उसी देवगॉंव स्कूल में ही टेबलेट में उपस्थिति दर्ज करवाते हुए मौखिक बने रहने की सलाह दी।
विभाग को यह जानकारी है कि आज भी मोहदा स्कूल में 1 ही शिक्षक है, इसके पूर्व के0एन0 वर्मा के द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करए हुए मोहदा स्कूल के प्रधानपाठक को एकल शिक्षकीय स्कूल होने की स्थिति में जानकारी होने पर एकतरफा रिलीफ किया गया। क्या इस तरह बच्चो के खिलवाड़ करने का अधिकार विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को है ?
आज पांडुराम दीवान प्राथमिक शाला देवगॉंव में शिक्षक को किस आदेश के तहत 2017 से ब्यवस्था में रखा गया है । शिक्षक अभी भी यही कह रहा है मेरा तबादला हुआ है। लेकिन तबादला का कोई आदेश नही। बल्कि तबादला आदेश प्राथमिक शाला मोहदा का है।
इस तरह से लापरवाही कर बच्चो का भविष्य बर्बाद करने वाले विकासखण्ड शिक्षाआधिकारी जो कि IAS जैसे अधिकारी के आदेश का उल्लंघन कर सकते है। तो आम ब्यक्ति की बात क्या सुनेंगे।


