आदेश का पालन तो करना है... जिस भवन में कक्षा ही नहीं लगती वह... - CG Sandesh

आदेश का पालन तो करना है... जिस भवन में कक्षा ही नहीं लगती वहां भी पोताई.

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में रंगाई, पोताई करवाने के लिए प्रधानपाठक के खाते में राशि भेजकर चुनाव के पूर्व समस्त स्कूलों का रंगाई कार्य पूर्ण करने का मौखिक लिखित आदेश दिया गया. जिसके बाद प्रधानपाठकों द्वारा कार्य तो किया गया, लेकिन एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जो यह बताता है कि अपने अधिकारी के आदेश का पालन कैसे किया जाता है.

मामला कसडोल विकासखंड के तालाझर  प्राथमिक स्कूल का है, जहाँ  मिडिल स्कूल के भवन में ही प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है. नया भवन प्राथमिक स्कूल का बनकर तैयार है, फिर भी स्कूल नही लग रहा है. विगत दस साल से मिडिल स्कूल और प्रायमरी स्कूल एक ही भवन में लगते आ रहा है.  

लेकिन अब आदेश के बाद क्या करें प्रधानपाठक ? राशि तो प्रत्येक वर्ष आ रहा था, किन्तु भवन नही था तो रंगाई कहाँ करवाये,  कितने राशि कहाँ गए  ये तो प्रधानपाठक और विभाग के अधिकारी जाने. अब ये है कि उस भवन में कक्षा लगता ही नही तो पोताई क्या दिखावा नही ? क्या विभाग में सिर्फ दिखावे के कार्य क्यो कर रहे है. क्या यह शासन के द्वारा जारी किए गए राशि के दुरुपयोग का मामला नही बनता ?


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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