भाषाएँ मनोभावों को व्यक्त करती हैं - CG Sandesh

भाषाएँ मनोभावों को व्यक्त करती हैं

शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय पिरदा में अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिन्दी साहित्यकार एवं वरिष्ठ शिक्षक लोरीश कुमार ने कहा कि "भाषाएँ अन्तर्मन की अभिव्यक्ति का माध्यम हैं। हम जिस प्रकार अपनी माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मातृभाषा का भी सम्मान करें। हम अपने प्रदेश में हिन्दी, छतीसगढ़ी, कुडूख, गोंडी, हल्बी,ओडिया आदि मातृभाषाओं का पाठ्यक्रम बच्चों के लिए तैयार कर रहे हैं जिससे बच्चों को अपनी मातृभाषा पर गर्व महसूस हो। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा देने का विचार प्रस्तुत किया था।" इस अवसर पर मिडिल स्कूल तरेकेला के शिक्षक कार्तिक राम खूँटे मुख्य अतिथि के रूप में एवं समन्वयक रमेश कुमार नायक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी गुणसागर पटेल ने की। छात्र आर्यन साहू ने भारतीय भाषाओं की जानकारी प्रदान की। छात्रों ने विभिन्न प्रदेशों की भाषाओं को जानने में रुचि दिखाई। आभार प्रदर्शन प्राथमिक शाला की मीतू रोमा राज ने व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि शालेय शिक्षा विभाग द्वारा यूनेस्को के मातृभाषाओं के प्रचार प्रसार को बढावा देने के अभियान के तहत भाषाई एवं साँस्कृतिक परम्पराओं के प्रति जागरूकता बढाने एवं आपसी सहयोग विकसित करने अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का आयोजन किया जा रहा है।


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