अस्पताल में जबरन घुसकर मानवाधिकार आयोग और सी.बी.आई के व्यक्ति बताकर रूपया ऐंठने का प्रयास, मामला दर्ज.
कल महासमुंद के अकाल पुरख अस्पताल में 3 पुरुष और एक महिला द्वारा अस्पताल में जबरन घुसकर अपने आप को मानवाधिकार आयोग और सी.बी.आई के व्यक्ति बताकर वहां अश्लील गाली गलौच कर रूपया ऐंठने का प्रयास किया गया. जिसकी शिकायत महासमुंद थाने की की गई है.
अकाल पुरख अस्पताल द्वारा लिखाई रिपोर्ट के अनुसार 20 फरवरी को सुबह करीब 10:30 बजे डॉक्टर जब वहां अस्पताल में मरीज देख रही थी, उसी समय तीन लोग अस्पताल परिसर में जबरदस्ती घुसकर अस्प्ताल के स्टाफ और मरीजों का फोटो और विडीयो अपने मोबाईल में ले रहे थे. जिसे हरजोत सिंग गुरुदत्ता द्वारा मना करने पर उन लोगों ने अपने आप को मानवाधिकार आयोग और सी.बी.आई के अधिकारी हैं बताया गया. और कहा गया कि हमें आपका अस्पताल चेक करने का आदेश मिला है.
इस पर जब उन्हें अस्प्ताल आने के संबंध में आदेश और उनके परिचय पत्र दिखाने कहा गया तो वो लोग गंदी-गंदी गालियां देते हुए तुम्हें परिचय पत्र दिखाना जरूरी नही है कहकर लगातार अस्पताल के सभी तरफ जाकर अपने फोन से फोटो, विडियो बनाने लगे.
जिसे अस्पताल के लोगों द्वारा मना करने पर हमारे साथ महिला अधिकारी है कहकर एक महिला को बुलाए. जिसके बाद महिला तथा अन्य तीनों व्यक्ति को नोटिस दिखाओ कहने पर हम बाद में नोटिस दिखाएंगे कहकर अपना परिचय देते हुए अपना नाम कासिम मोहम्मद सैय्यद, निहाल जमाल सैय्यद और सायरा इकबाल शेख बताया.
रिपोर्ट के अनुसार इनके द्वारा लगातार फोन पर किसी छाया तिवारी नाम की महिला से बात की जा रही थी, जिससे उसी महिला के निर्देश पर काम किये जाने की आशंका है.
वहीं इस घटना के बारे प्रार्थी ने जब अपने ससुर डा. हरदित्त सिंग गुरुदत्ता को बताया तो उनके द्वारा बताया गया कि करीब दो महीने से उन्हें भी छाया तिवारी नाम की महिला जो अपने आप को मानव अधिकार आयोग का पदाधिकारी बताती है, और तुम्हारे अस्पताल के खिलाफ लगातार शिकायत मिल रहा है, तुम्हारा अस्पताल बंद करा देंगे कहते हुए धमकी दी.
इसके बाद पैसा ऐंठने के लिए एक महिला सायरा बानो और चार पुरुष, जिनका नाम कासिम मोहम्मद सैय्यद, निहाल जमाल सैय्यद तथा एक और व्यक्ति पूरी तैयारी के साथ अस्पताल में जबरन प्रवेश कर अश्लील गाली गलौच कर धक्का देते हुए अपने आपको मानव अधिकार आयोग तथा सी. आई बी से संबंधित होना बताकर पैसा ऐंठने का हर संभव प्रयास किया है. जिसके बाद दिलप्रीत की रिपोर्ट पर महासमुंद थाने में अपराध धारा 384-IPC, 34-IPC, 452-IPC, 511-IPC, 171-IPC, 294-IPC के तहत मामला दर्ज किया गया है.