किशोर दोषियों का आयु सत्यापन करनें किया गया जेल निरीक्षण
बलौदाबाजार 22 फरवरी 2020/ अज्ञानता तथा जन्म संबंधित दस्तावेजों के अभाव में किशोर बालकों को जेल में निरूद्ध किए जाने की संभावना हमेशा बनी रहती है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार कलेक्टर कार्तिकेया गोलय के मार्गदर्शन में जिले के जेलों में निरूद्धों की आयु सत्यापन का कार्य किया गया। यह सत्यापन प्रत्येक तीन माह में किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 के अंतिम तैमासिक जनवरी से मार्च 2020 हेतु अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक की अध्यक्षता में आज जिला उपजेल बलौदाबाजार का निरीक्षण किया गया। अपर कलेक्टर के द्वारा जेल परिसर में 18-21 वर्ष आयु के निरूद्धो हेतु निर्धारित बैरक में जाकर निरूद्धों से उनकी आयु,जन्मतिथि एवं शिक्षा के संबंध में जानकारी ली गई। उक्त बैरक में निरूद्ध सभी 15 बंदियों ने अपनी आयु 18 वर्ष से उपर होने की मौखिक जानकारी प्रदान की। उपजेल अधीक्षक श्री ए.के.मिश्रा ने निरूद्ध बंदियों के कौशल विकास हेतु प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में अवगत कराते हुए बताया कि उपजेल को वाल पेंट वीटीपी ट्रेड हेतु मान्यता प्राप्त हो गयी है। प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद वाल पेंट ट्रेड का प्रशिक्षण प्रारंभ किए जाने की जानकारी भी अधीक्षक के द्वारा प्रदान की गई। ग्रीष्मकालीन जलापूर्ति संबंधित समस्या को देखते हुए खनिज न्यास निधि से (संप वेल) हेतु प्राप्त अभिस्वीकृत एवं कार्य प्रगति के संबंध में भी जानकारी जेल अधीक्षक के द्वारा प्रदान की गई। सभी बंदियों हेतु समय समय पर विधिक परामर्शध्नियमित चिकित्सीय परीक्षण की आवश्यक व्यवस्थाए करने का निर्देश अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक के द्वारा जेल अधीक्षक को दिया गया। इस निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नामित अधिवक्ता संजय सोनी एवं जिला बाल संरक्षण इकाई से प्रकाश दास भी उपस्थित रहें।