परीक्षा सर पे और सर जी अता-पता नही एक शिक्षक है,वो भी आता नही,आता भी है तो मध्यान्ह भोजन खिला के चले जाते है।
कसडोल:- रवान संकुल के मोहदा प्राथमिक शाला का हाल है विगत कई साल से यह स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।बच्चे क्या पढ़े, कौन पढ़ाये ,विभागीय अधिकारी को तो फुरसत ही नही,कहते कहा-कहा देखु कसडोल विकाशखण्ड के स्कूलों में इतनी समस्या है कहा से हल करू जैसे चल रहा चलने दिया जा रहा है।यह है शासन के स्कूलों का हाल, इसलिए समझदार पालक शासकीय स्कूल में बच्चे को पढ़ाने से कतराते है।दिनों-दिन स्कूल में दर्ज संख्या का कम होना।यही कारण है
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