दुसरे की भूमि की अपना बताकर हड़पे 13 लाख रुपये, धोखाधड़ी का मा... - CG Sandesh

दुसरे की भूमि की अपना बताकर हड़पे 13 लाख रुपये, धोखाधड़ी का मामला दर्ज

विनय अग्रवाल पिता जगदीश प्रसाद अग्रवाल निवासी समता कालोनी रायपुर  ने पुलिस में शिकायत करते हुए बताया था कि 17 जून 2015 को रोहित पिता नंदलाल निवासी ग्राम भोरिंग थाना तुमगांव के द्वारा को ग्राम भोरिंग में 0.610 हेक्टेयर को अपने भूस्वामी हक की भूमि बताकर विक्रय इकरारनामा में 05 लाख रूपये में विक्रय करने का पक्का सौदा करकर, दो गवाहों का अग्रिम ब्याना राशि रूपये 4 लाख 90 हजार नगद प्राप्त किया.

शिकायतकर्ता ने बताया कि उक्त इकरारनामा में विक्रय पंजीयन के बाद 06 माह के अंदर किया जाना तय किया गया था. जिसके बाद शिकायतकर्ता को हल्का पटवारी से पता करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त ऋण पुस्तिका क्रमांक पी - 301149 जिसमें रोहित पिता नंदलाल अंकित है तथा फोटो रिपन साहू जो रोहित का पुत्र है लगा हुआ है. जबकी मूल ऋण पुस्तिका रिपन साहू के पिता रोहित साहू पिता नंदलाल साहू के पास है.

शिकायत में बताया गया है कि रिपन साहू पिता रोहित साहू द्वारा अपने पिता रोहित साहू पिता नंदलाल साहू का भूस्वामी हक की भूमि को रोहित पिता नंदलाल साहू बनकर विक्रय करने का इकरारनामा दिया. जिसमें लल्लू धृतलहरे पिता रतनदास धृतलहरे निवासी ग्राम भालेसुर थाना सुहेला जिला बलौदाबाजार कि भी मिलीभगत है.

जानकारी के बाद जब शिकायतकर्ता ने  बार-बार निवेदन कर दी गई ब्याना राशि 4 लाख 90 हजार रूपये को वापस मांगने के लिए सम्पर्क करता है तो उसे अश्लील गाली गलौज एवं जान से मरवा देने की धमकी देते है.  तथा अन्य झूठे केश में फंसाने की धमकी देते हुए कहते है कि मुझसे पैसे की मांग करोगे तो तुम्हारे विरूद्व सुसाईड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेगे.

इसी तरह 22 जुलाई 2015 को दुर्जन साहू पिता मनीराम साहू निवासी ग्राम भोरिंग थाना तुमगांव ने 2.03 हेक्टयर को अपने भूस्वामी हक की भूमि बताकर विक्रय इकरारनामा बनवाया और  चुकता 10 लाख रूपये में विक्रय करने का पक्का सौदा कर दो गवाहों का अग्रिम ब्याना राशि रूपये 8 लाख नगद प्राप्त किया.

बताया गया कि चंद्रशेखर साहू, नंदू, लल्लू धृतलहरे तीनो ने एकराय होकर शिकायतकर्ता से रकम हडपने की नियत से इकरारनामा निष्पादित किया. इकरारनामा में विक्रय पंजीयन के बाद 06 माह के अंदर किया जाना तय किया था.

जिसके बाद शिकायतकर्ता ने संबंधित हल्का पटवारी से पता करने पर ज्ञात हुआ कि दुर्जन साहू पिता मनीराम साहू इकरारनामा में गवाह चंद्रशेखर (शेखर) का पिता है.

शिकायतकर्ता ने बताया कि दुर्जन साहू पिता मनीराम साहू जो चंद्रशेखर साहू (गवाह) का पिता है. जिसने  नंदू को अपने पिता दुर्जन साहू बनाकर विक्रय इकरारनामा को निष्पादन किया तथा ऋण पुस्तिका क्रमांक पी - 0000173 दुर्जन पिता मनीराम जिसमें फोटो नंदू का चस्पा किया. जो की फर्जी दस्तावेज है.

इसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा उपरोक्त तीनों व्यक्तियों से बार बार ब्याना राशि को 8 लाख रूपये को वापस मांगने पे वह बचते रहे, तथा मैं सम्पर्क करने पर तुम्हारे विरूद्व सुसाईड नोट लिखकर आत्महत्या कर लेने की लगातार धमकी देते रहे. जिससे शिकायत करता अत्यंत भयभीत हो गया.

मामले में तुमगांव थाने में आरोपी रिपन साहू, लल्लू धृतलहरे व चंद्रशेखर साहू, लल्लू धृतलहरे, नंदू पर अलग-अलग धारा 34-IPC, 420-IPC पंजीबद्ध किया गया है.


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