सड़क निर्माण कार्य में घोटाला ही घोटाला - CG Sandesh

सड़क निर्माण कार्य में घोटाला ही घोटाला

डब्लु0 बी0 एम0 सड़क निर्माण कार्य में बोल्डर की जगह फर्शी पत्थर के टुकड़े का उपयोग किया जा रहा है। ये सब वन विभाग के अधिकारीयों के सह में हो रहा है, सड़क बनाना है बस गुणवत्ता से कोई सरोकार नही, यदि जांच कराया जाय तो घोटाला ही घोटाला।

मामला बलौदाबाज़ार जिले के बारनयापारा अभ्यारण्य क्षेत्र का है, जहाँ करोडों का कार्य किया जा रहा है.  कार्य का कोई भी मापदण्ड कार्य करवाने वाले अर्थात विभागीय कर्मचारियों को मालुम नहीं। वन विभाग के कर्मचारियों को सिर्फ निगरानी के लिये ही तैनात किया गया है। लेकिन गुणवत्ता विहीन मटेरियल का इस्तेमाल वन विभाग के कर्मचारीओ द्वारा किया जा रहा है। हम क्या कहे कहकर साफ तौर पर कहा, हम क्या करेंगें जी हमें तो सिर्फ कितना सामान (मटेरियल) आया,  यही ही देखना होता है। अच्छा हो या खराब।

ग्राम चरौदा से देवगांव के बीच सडक निर्माण कार्य किया जा रहा है,  जिसमे मुरूम, बोल्डर, रोलर इंजन, पानी टैंकर सभी प्रकार का मटेरियल का टेडर दिया गया है। जिसमें वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कार्य कराया जाना है, कर्मचारियों को सब पता है कितना मुरूम, बोल्डर लगना है। फिर भी चुप होकर भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रहे है। यहां वन विभाग के अधिकारियों नेसड़क निर्माण कार्य के लिए अभ्यारण्य क्षेत्र का दोहन कर भारी मात्रा में मुरूम का उपयोग किया गया। जबकि मुरूम का टेडर होना बताया जा रहा हैं। नियम है कि सेंचुरी क्षेत्रों में किसी प्रकार का दोहन कार्य नहीं किया जाना है। सेंचुरी क्षेत्रों में यहां तक एक पत्ता तोडना भी अपराध की श्रेणी में आता है, वन विभाग के अधिकारियों द्वारा जानबुझकर सेचुरी क्षेत्र को दोहन करना या करवाना जंगल की सुरक्षा पर संवालिया निशान है। अब देखना यह है ये अधिकारी पर कार्यवाही कौन करेगा? यदि इस तरह के कार्य होते रहे तो आगामी समय में सेंचुरी का नामोंनिशान मिट जाय.


अन्य सम्बंधित खबरें