शिक्षा विभाग और खेलगढिया सामान खरीदी में का खुला खेल खेलने की हो रही है तैयारी।
कसडोलः- शिक्षा विभाग में पदस्थ शिक्षकों को यदि शिक्षा में गुणवत्ता लाने की जिम्मेदारी सौंप दिया जाय तो , आज शिक्षा का स्तर दिनों दिन गिर रहा है, वह गिरेगा नहीं बल्कि सुधार देखने को मिलेगा।
आज शिक्षक शिक्षा के बजाय अन्य कार्यो में ज्यादा कार्य करतें पाये जा रहे है , विभागीय आदेश का पालन करना मजबुरी है अपने विभाग के कार्यों का अवहेलना नहीं कर सकतें कई शिक्षकों का कहना समुन्द्र में रहकर मगरमच्छ से दुश्मनी नहीं कर सकते है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की बात कहें तो हमारें अधिकार क्षेत्र में हमारें अधिकार के अवहेलना किया जाता है। जिससे हम चाह कर भी विरोध नहीं कर सकते।
अभी खेलगढिया सामान लेने के लिये सभी प्रधापाठकों के खातें में राशि भेज दिया गया है, जिसे प्रधानपाठकों के द्वारा किसी भी दुकान से सामानों का क्रय किया जाना है, लेकिन कुछ राजनीति से जुडे कुछ व्यक्तियों के द्वारा संकुलस़्त्रोत समन्यवक के द्वारा अपना सामान की ब्रिक्री हो कहकर अपना सामान को लेने के लिये प्रधानपाठकों को प्रेषित किया जा रहा है। प्रधानपाठकों का कहना है पिछले वर्ष राजनांदगांव के फर्म से खेलगढिया सामान भिजवाया गया था। जो कि सामान सही नहीं था। अभी 2019-20 मे पुन: बिना देखें सामानों का क्रय करने में जोर दिया जा रहा है।