10 लाख 73 हजार का फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण, 10 सालो एक ही ग्राम पंचायत में पदस्थ होने का उठाया जा रहा है फायदा....
बसना जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत रुपापाली में चौदहवें वित्त आयोग की राशि जैसे ही ग्राम पंचायतो के बैंक खाते में पहुँची, वैसे ही तुरन्त सरपंच सचिवो ने बैंक खाते से राशि निकालकर मनमाने ढंग से नियम विरुद्ध खर्च करना शुरू कर दिया. ऐसा नही है कि जनपद पंचायत को इसकी भनक नही है, भनक होने के बावजूद भी चौदहवें वित्त आयोग की राशि से हो रहे काम की तरफ अधिकारी, कर्मचारियो ने पलट के नही देखा. जबकि नियमतः चौदहवें वित्त की राशि को ग्राम पंचायतों की मूलभूत सुविधाओं में खर्च करना हैं न कि दूसरे कामो में.
बसना ब्लाक की ग्राम पंचायत रुपापाली के ग्रामीण ने बताया कि चौदहवें वित्त की राशि को सरपंच एवं सचिव द्वारा 10 लाख 73 हजार का फर्जी बिल लगाकर से आहरण कर लिया गया है. ग्रामिण ने बताया कि त्रिस्तरिय पंचायत चुनाव के वक्त आचार संहिता के समय पंचायत भवन, आंगनबाड़ी रिपेयरिंग पेंटिंग व स्कूल रिपेयरिंग, शौचालय वर्क, पेयजल नाली वर्क, प्रा.शा. आहता, दिवाल लेखन, गली रिपेयरिंग, विविध व्यय का कार्य बिना ग्राम पंचायत प्रस्ताव के करवाकर दस लाख 73 हजार रुपए आहरण कर लिया गया.
ऐसा नही है कि यह मनमानी अभी हुई है , इसके पहले भी सचिव द्वारा कई फर्जी बिल लगाए गए है. बसना जनपद के रूपापाली ग्राम पंचायत में पिछले 10 सालों से एक ही सचिव पदस्थ है और इसका फायदा उठा कर लाखो रु गबन किया जा चुका है.
कई शिकायत के बाद भी अधिकारी आंख मूंदे हुए ऐसा लग रहा है जैसे सरकार का पैसा फ्री है जितना चाहे लूट लो, अगर जनपद पंचायत अधिकारी इस ग्राम पंचायत में शासन से आई राशि के खर्च की जांच सूक्ष्मता से करे तो कई खुलासे होंगे.
ग्राम पंचायत रुपापाली का
यह मामला सामने आने के बाद क्या जनपद पंचायत के अधिकारी चौदहवें वित्त आयोग की राशि को ग्राम पंचायते कैसे
खर्च कर रही, और कंहा
खर्च कर रही है इस पर ध्यान देंगे, यह प्रश्न का विषय है.
वहीं इस पूरे मामले में
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव से संपर्क करने पर बताया
की जांच करवाया जाएगा और नयमानुसार कार्यवाही भी किया जाएगा.