छत्तीसगढ़ कोटे से बाहरी व्यक्ति को राज्यसभा भेजना छत्तीसगढ़ियों का अपमान - उपाध्याय
भंवरपुर। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा लगाकर सत्ता पाने वालों की कलई खुल ही गई । जब मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जमीन से जुड़ कर संघर्ष करने वाले मोतीलाल वोरा, करुणा शुक्ला जैसे अन्य लोगों को दरकिनार करके पंजाब के होशियारपुर में जन्मे के.टी.एस.तुलसी जो कि सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के वकील हैं उन्हें छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजने का निर्णय ले लिया है। जिएक बाद भाजपा के पूर्णकालिक कार्यकर्ता करुणाकर उपाध्याय ने भुपेश बघेल सरकार की छत्तीसगढ़िया वाद को ढकोसला बताते हुए कहा कि चुनावी घोषणा पत्र की भांति छत्तीसगढ़िया वाद की भी हवा निकल गई है ।
श्री उपाध्याय ने बात बात पर बांटी,भौंरा और सोंटा खा कर छत्तीसगढ़ की संस्कृति की दुहाई देने वाले भुपेश बघेल से प्रश्न किया है कि उनको के टी एस तुलसी में कहाँ से छत्तीसगढ़ वाद की झलक दिख गई,वो छत्तीसगढ़ के किस जिले का प्रतिनिधित्व करते है या छत्तीसगढ़ के लिए उनका क्या योगदान है,जो उन्हें राज्यसभा यहाँ से भेजा जा रहा है । उन्होने पूछा कि अब आपके छत्तीसगढ़ बनाम बाहरीवाद का क्या हुआ इसका जवाब देना होगा,पानी पी पी कर राज्य के बाहर के व्यक्तियों को कोसने वाले मुख्यमंत्री को बस्तर,सरगुजा या कहां से तुलसी के निवास का पता मिल गया, जिसे वे राज्यसभा भेज रहे है।
उन्होंने कहा कि सही मायने में अब तक भुपेश बघेल छत्तीसगढ़ियों का मजाक ही उड़ा रहे थे जो अब जगजाहिर भी हो गया है। उपाध्याय ने कहा पिछली बार जब संख्या बल में उनके पास विधायक नही थे तो दिखावे के लिए साहू समाज के एक प्रतिनिधि को राज्यसभा में भेजने के लिए प्रत्याशी बनाया था, जिनकी हार तय थी और वे हारे भी,अब जब पर्याप्त विधायक उनके पास है और उनके प्रत्याशियों की जीत तय है तो पंजाब के व्यक्ति को राज्यसभा भेज रहे है। यह छत्तीसगढ़ियों का अपमान और उनके स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वाला है ।अपमानित करने के लिए छत्तीसगढ़ियों को आगे करना एवं सम्मानित करने की बारी आये तो बाहरी को आगे करना कांग्रेस की कार्यशैली का एक हिस्सा है ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की छत्तीसगढ़ियावाद और बाहरीवाद का सत्य उजागर हो गया है जिसमे कांग्रेस ने बाहरीवाद का समर्थन करके छत्तीसगढ़ियों को अपमानित किया है जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना होगा।