सडक पुल, पुलिया, रपटा निर्माण कार्य कर, कर रहे है भ्रष्टाचार - CG Sandesh

सडक पुल, पुलिया, रपटा निर्माण कार्य कर, कर रहे है भ्रष्टाचार

समतल सडक को खोदकर बनाया जा रहा है रपटा ,पुलिया।

सडक निर्माण कार्य में मुरूम के जगह मिटटी का उपयोग किया जाना।

वन्य प्राणियों के लिये बनाये गये तालाब में अभी नहीं है तो गर्मी में पानी कहा से आयेगा।

बलौदाबाजारः- वन विभाग को जंगल विभाग कहा जाता है, और जंगल विभाग में निर्माण कार्य का लेखा जोखा विभाग के अधिकारियों को देखना होता है। सडक निर्माण ,रपटा,पुल पुलिया,स्टाप डेम या कोई भी निर्माण कार्य हो वनविभाग के अधिकारी ही सर्वे सर्वा होता है। इसलिये इन्हे किसी बात का कोई डर नहीं होता कि इसका सत्यता कौन करेगा करने वाले तो हम ही है। एैसा ही कारनामा देखेने को मिला बलौदाबाजार के वन पऱिक्षेत्र लवन में जंगल राज कानुन लागु है कहना गलत नहीं होगा। ग्रामीणों का कहना है कि हमें इसलिये कहना पड रहा है, जहा सडक है पुल रपटा बनाने के लिये सडक को खोद कर बनाया जा रहा है। तालाब बनाया जा रहा है जहां पानी का शोर्ष नहीं है दिखावा है । जनता और वन्य प्राणियों के लिये शासन द्वारा जारी किये गये राशि को गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कर राशि को गबन किया जा रहा है। अधिकारी हो रहे है मालामाल।

किसी भी निर्माण कार्य का बोर्ड नहीं लगाना इससे साफ जाहिर होता है वन विभाग द्वारा किसी भी कार्य के बारे में जानकारी न हो कहकर यह कारनामा कर रहे है। रूपये कमाने के लिये वन विभाग के अधिकारियों का ठेकेदारों से तालमेल बनाकर चल रहे है। मिटटी को मुरूम कहकर, बोल्डर की जगी फर्शी पत्थर का उपयोग किया जा रहा है। विभाग के अधिकरियों से जब इस अनियमितता की बात पुछने पर कहते है, विभाग के द्वारा टेंडर दिया गया है। हम क्या करें। तो क्या ठेकेदार कुछ भी चीज मतलब मिटटी को मुरूम कहे तो मानने को तैयार है। जिससे साफ जाहिर होता है विभाग को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई लेना देेना नहीं है। बिल बनाकर कमीशन से मतलब है। ग्रामीण जनता वन विभाग के अधिकारियों के इस ढंग के रवैया से काफी नाराज है।




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