लॉकडाउन के दौरान शराब तस्करी के मामले बढ़े 48 लाख रुपए का अव... - CG Sandesh

लॉकडाउन के दौरान शराब तस्करी के मामले बढ़े 48 लाख रुपए का अवैध शराब जब्त चेकिंग के दौरान वाहन छोड़ ड्राइवर फरार

बलौदाबाजारः- एक तरफ कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते पूरा देश परेशान है तो वही जिले के शराब तस्कर इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं। मध्यप्रदेश से एक ट्रक में भरे 500 पेटी अंग्रेजी शराब के जखीरे को रविवार सुहेला पुलिस ने पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। जब्त शराब की कीमत करीब 48 लाख रुपए बताई जा रही है । पूरी कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई है। इधर पुलिस जब तक अवैध शराब से भरे ट्रक तक पहुंच पाते उससे पहले आरोपी ट्रक छोड़कर फरार हो चुके थे।

आपको बता दें हफ्ते भर में शराब का ये दूसरा खेप है जिसको पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। इससे पहले भी बीते 2 अप्रैल को पलारी पुलिस ने एमपी से लाये हुए 80 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ने में सफलता हासिल की थी जिसमे 4 आरोपी की गिरफ्तारी भी की गई थी।

पुलिस को मुखबिर की सूचना मिली थी कि एमपी से भरी मात्रा में शराब जिले के पलारी इलाके में खपाया जाएगा जिसके चलते पुलिस पहले से ही अलर्ट थी वही सूचना के बाद पुलिस ने हिरमी के पास जब ट्रक क्रण् एमपी 07 एचबी 3828 की तलाशी ली तो उसके अंदर से भारी संख्या में शराब की पेटियां बरामद हुई। हालांकि घटना के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
लॉक डाउन के बावजूद जिले में अलग अलग रास्तों से मध्यप्रदेश की शराब अवैध रूप से खपाई जा रही है। शराब की तस्करी में आबकारी विभाग की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। आपको बता दे कि अब तक सिर्फ बलौदाबाजार जिले में ही कुछ दिनों में ही शराब तस्करी के दर्जनों मामले का खुलासा हो चुका है। 

लेकिन अब तक इस तस्करी का मुख्य सरगना पुलिस पकड़ से बाहर है। खासकर पलारी क्षेत्र में जब से शराब दुकान सरकारी होने के बाद इस क्षेत्र में धड़ल्ले से मध्यप्रदेश से शराब का बड़ा खेप खपाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कार्रवाई भी हुई लेकिन तस्करों के हौसले पस्त होने बजाय दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं।


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें