ओडिशा सरकार ने वित्तिय सहायता के रूप में दुती चंद को 4.09 करोड़ रुपये देने का दावा.
भारत की स्टार महिला धावक दुती चंद अपनी कार को बेचने की वजह से इन दिनों चर्चा में है. इसी बीच ओडिशा सरकार ने 2015 से अब तक दुती को 4.09 करोड़ रुपये वित्तिय सहायता के रूप में देने का दावा किया है. दुती ने हाल ही में अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था कि वह अगले साल होने वाले टोक्यो ओलम्पिक की तैयारी के लिए अपनी कार बेच रही हैं. उन्होंने हालांकि बाद में यह पोस्ट हटा दी लेकिन तब तक इसे लेकर देश में सुर्खियां बन गई थीं.
ओडिशा सरकार के खेल विभाग ने एक बयान में कहा, " दुती को एशियाई खेल 2018 में पदक जीतने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में तीन करोड़ रुपये, 2015-19 के दौरान प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के लिए 30 लाख रुपये, टोक्यो ओलंपिक के लिए प्रशिक्षण 50 लाख रुपये दिए गए हैं. "
बयान के अनुसार, " राज्य सरकार ने दुती चंद को ओडिशा खनन निगम में समूह-ए के स्तर की अधिकारी के रूप में नियुक्त किया. वह वर्तमान में 84,604 रुपये (जून 2020 वेतन) प्रति माह के रूप में ले रही हैं. उन्हें कार्यालय आने की जरूरत नहीं है ताकि वह प्रशिक्षण पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकें. "
दुती चंद ने इसलिए बेची कार ओडिशा सरकार ने कहा, " ओएमसी में उनकी नियुक्ति के बाद से, उन्हें कोई आधिकारिक काम नहीं सौंपा गया है. ओएमसी ने प्रशिक्षण और वित्तीय प्रोत्साहन के लिए 29 लाख रुपये प्रदान किए हैं. "
दुती ने बुधवार को ट्विटर पर एक बयान में कहा था कि इसका उनके प्रतिक्षण के लिए धन की कमी से कोई लेना देना नहीं है. दुती ने कहा कि उन्होंने अपनी सेडान कार इसलिए बेची क्योंकि वह कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और ओडिशा सरकार पर बोझ नहीं डालना चाहतीं.