रायगढ़:-बाहरी प्रांत से लाए गए 21 मजदूरों बिना कोरोना जांच एवं क्वारेंनटीन किये अन्य स्वस्थ मजदूरों के साथ रखा..प्रशासन के आदेश को ताक में रख ठेकेदार द्वारा कोविड 19 नियमो की उड़ाई गयी धज्जियां..! ग्रामीणों को प्रशासन की कार्यवाही का इंतजार...
ठेकेदार के झूठे व अड़ियल रवैय्ये से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी रोष
जिले में कोरोना का संक्रमण को रोकने के लिए जिला कलेक्टर सिंह ने बाहरी प्रदेशों से मजदूरों के आवागमन पर एक माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन रायगढ़ कलेक्टर द्वारा जारी इस प्रतिबंधात्मक आदेश की खुले आम धज्जियां उड़ाने का ताजा मामला तमनार ब्लाक से निकल कर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक तमनार ब्लॉक में रेल्वे की काम तेजी से चल रहा है। ढोलनारा गांव में रेल्वे की ठेका कंपनी SRC स्थित है। इस कंपनी के ठेकेदार द्वारा बीते दिनों दिगर प्रांत झारखंड से 21 मजदूरों को काम कराने के लिए लाया गया है। बाहरी मजदूरों को रायगढ़ जिले में लाकर कलेक्टर के आदेश की धज्जियां तो उड़ाई ही गयी है लेकिन साथ ही साथ मजदूरों को बिना क्वॉरेंटाइन किये या उनका बिना कोरोना जांच कराये एक साथ रखकर कुछ लेबरों के साईट में काम से लाया गया था।
जब झारखंड से मजदूरों की आने व मौके पर काम करने की बात ग्रामीणों को मालूम हुई तब ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। तब जा करके सभी मजदूरों को क्वॉरेंटाइन में रखने की बात ठेकेदार ने कही है, वहीं प्रसाशन को बिना सुचना दिए सभी मजदूरों को बरकसपाली में रखा गया, यह बात ग्रामीणों को भी पता नहीं था। जब बरकसपाली के ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो ठेकेदार सभी लेबरों को लेकर घरघोड़ा चले गए। लेकिन ये बात भी केवल दिखावा या ग्रामीणों को शांत करने के लिए कही गयी है क्योंकि जब क्वॉरेंटाइन सेंटर मजदूरों को ले जाया गया तो किसी भी मजदूर ने फेसमास्क नहीं पहना था और ना किसी के द्वारा सोशल डिस्टेंस पालन किया जा रहा है।
खुलेआम कोविड – 19 के नियमों का मजाक बनाकर धज्जियां उड़ाई जा रही थी। ठेकेदार के झूठे व अड़ियल रवैय्ये से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है।
उक्त ठेकेदार द्वारा एक तरफ बाहरी प्रांत के 21 लोगों को काम कराने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में लाकर जिला कलेक्टर के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई तो वही दूसरी तरफ कोविड – 19 के नियमों के भी बखियां उधेड़ कर रख दी गई है। ठेकेदार की नजर में शासन – प्रशासन द्वारा बनाए गए नियम – कानून कोई मायने नहीं रखते और कोरोना वायरस के फैलने का भी है इस ठेकेदार को नहीं है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन कानून का उल्लंघन करने वाले इस अड़ियल ठेकेदार के ऊपर कानूनी कार्यवाही करती है या नहीं ?