हम अपने परिवार का पेट कैसे भरें साहब.. ! छतीसगढ़ में कौन कौन व्यापार वाले व्यवसायी सड़क पर उतरे......दो टूक पूछा कैसे चलायें घर?...
रायपुर। कोरोनाकाल में कई काम धंधे ऐसे हैं जो अभी भी पूरी तरह से लॉक हैं आज छह माह होने को आए इनसे जुड़े लोगों के सामने अब घर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। हालात से मजबूत ऐसे लोग आज सड़क पर उतर आए और अपने उसी साजो समान के साथ। बैंड धुमाल बजाते सड़कों पर इनके उतरने से लोगों की उत्सुकता भी बढ़ गई कि आखिर हो क्या गया है? हाथों में बेरोजगारी पोस्टर भी ले रखे थे।
दरअसल, ये सभी बैंड, धुमाल, डीजे, लाइट-साउंड, मैरिज पैलेस, घोड़ी-बग्घी के व्यवसाय से जुड़े लोग हैं। इनकी मांग है कि लॉकडाउन के बाद अनलॉक हुआ, मगर इनका कारोबार अब भी पाबंदियों के दायरे में है। इसमें छूट मिलनी चाहिए।
गांधी मैदान से यह रैली कलेक्टर ऑफिस की ओर बढ़ रही थी, मगर बीच रास्ते में ही पुलिस ने इनका रास्ता रोक दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि हर व्यवसाय को काम करने की छूट मिल गई। मगर कार्यक्रमों से जुड़े हम व्यवसाइयों के सामने अब आर्थिक संकट मंडरा रहा है। हमें रोजगार हमारे लिए प्रशासन गाइड लाइन तय करें, हम सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन के नियमों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। अपनी मांगों का ज्ञापन भी प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अफसरों को सौंपा।