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बागबाहरा - महिला शिक्षाकर्मी ने सुसाइड नोट में बताई ये वजह, आखिर क्यों मां ने अपने ही दो मासूम बेटियों को दी दर्दनाक मौत

बागबाहरा. मैं जीवन में अकेली और निराश हूं। मैं अपने पति से भरपूर प्यार करती हूं, किन्तु मेरे पति ने मेरे साथ कभी भी भावनात्मक रिश्ता नहीं रखा। वे परिवार की अंतरंग बातें अपने माता-पिता व भाई बहनों से करते हैं और मैं स्वयं को अकेला पाती हूं। इसलिए किसी को कुछ कहने से अच्छा, बच्चों को इस दुनिया से रुखसत करने के बाद खुदकुशी का रास्ता चुन रही हूं।

मामला है उस सुसाइड नोट का जो पुलिस को उस कमरे से बरामद हुआ, जहां बुधवार शाम शिक्षाकर्मी महिला यमुना पाड़े ने अपनी दो मासूम बच्चियों को मौत के घाट उतारने के बाद स्वयं भी जान देने की कोशिश की थी। पुलिस ने गुरुवार सुबह सील बंद कमरे को खोला तो सात पेज का सुसाइड नोट, एक चाकू, ब्लेड, मोबाइल और फिनाइल के बाटल आदि बरामद हुए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यमुना पाड़े ने घटना के पीछे जो कारण बताया है वह पारिवारिक रिश्ते में दरकते विश्वास की ओर इशारा करते हैं। पीहर में ना तो उसकी मां है, ना ही भाई-बहन। सुसाइड नोट में यमुना ने विस्तार से लिखा है कि उसके पति उसकी किस तरह उपेक्षा करते थे।

बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गहन व सूक्ष्म जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि असली कारण क्या है? पड़ोसियों व सहकर्मियों की मानें तो लगातार दो बच्चियों के जन्म के बाद लड़का नहीं होने को लेकर दोनों पति-पत्नी में मनमुटाव व तनाव बना रहता था। पत्नी मानसिक यातना के कारण अवसाद से गुजर रही थी। अब वह रायपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। युवा महिला शिक्षाकर्मी के पास कमाऊ पति, नौकरी, दो संतानें, रूप यौवन सभी कुछ था, नहीं था तो सिर्फ जीवन जीने की कला और जिन्दगी के प्रति सकारात्मक नजरिया।

 बच्चों की उठी अर्थी तो रो पड़ा गांव

परिजनों को रोता देख उखरा गांव के लोग भी मातम में डूब गए। पोस्टमार्टम के बाद मासूमों के शव आने के बाद उनकी मौत को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब ना तो परिजन दे पा रहे थे और न ही मौजूद लोग। सुबह 9 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक आसपास के सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणों को लेकर गहमा-गहमी का माहौल उस समय सन्नाटे में बदल गया, जब मासूमों का शव उखरा गांव पहुंचा। घर की महिलाएं फूट-फूट कर रोने लगीं, तो पुरुष भी फफक पड़े। मासूमों की अर्थी उठी तो पूरा गांव रो पड़ा।

मृत्युपूर्व कथन में कबूल

जांच अभी प्रारंभिक अवस्था में है। अब तक की विवेचना और सुसाइट नोट से यही पता चला है कि पति द्वारा उपेक्षा की जा रही थी, इसके चलते गहरे अवसाद की स्थिति होने के कारण महिला ने यह घटना की। अस्पताल में मृत्यु पूर्व कथन में उसने स्वीकार किया है कि उसने यह घटना स्वयं की है। रायपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने भादवि की धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

 संजय ध्रुव, एएसपी, महासमुंद



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