अच्छी खबर:-कक्षा पहली से दसवीं तक के अशासकीय विद्यालयों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक के वितरण का आदेश .... 10 दिन के अंदर बंटने लगेगी पुस्तकें...!
शासन द्वारा अब सीजी बोर्ड के निजी स्कूल के बच्चों के लिए पुस्तक का वितरण आदेश किया गया है। यह पुस्तकें छात्रों को मुफ्त में सरकार की ओर से दिया जाता है। कोरोना संकटकाल में जून में मिलने वाली यह पुस्तकें बच्चों को सितंबर में मिल पाएगी। हालांकि सरकारी स्कूलों में यह पुस्तक वितरित हो चुकी है लेकिन निजी स्कूलों में यह वितरित नहीं हो सका था क्योंकि सरकार की ओर से आदेश ही जारी नहीं हो पा रहे थे।
छ.ग. पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा राज्य सरकार के आदेश पर देर से ही सही लेकिन कक्षा पहली से दसवीं तक के अशासकीय विद्यालयों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक के वितरण का आदेश जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पुस्तकें सीधे डिपो से वितरित होगी, जो स्कूल छ.ग. पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों का उपयोग करेगा वो निजी प्रकाशकों की पुस्तक नहीं रख पाएंगे।
आरटीई के तहत दी जाने वाली राशि में प्राथमिक स्तर पर ढाई सौ रूपए एवं माध्यमिक स्तर पर 450 रूपए प्रति विद्यार्थी राशि की कटौती की जाएगी। ऐसे अशासकीय विद्यालय के पुस्तकों के मांग की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2020 है इसके पश्चात मांग करने वालों को पुस्तके नहीं दी जाएंगी। इन बिंदूओं पर अशासकीय विद्यालयो से वचन पत्र लिया जाएगा इसके पश्चात पुस्तकों का वितरण होगा।
प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन रायगढ के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने बताया कि प्राईवेट स्कूल के बच्चों के लिए पुस्तके देने का आदेश हो गया है, वैसे तो आदेश में देरी हुई है उसके बावजूद पुस्तके मिलने पर पढाई में गति आ सकेगी और शिक्षा का स्तर उपर उठेगा।
प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के सचिव रामचंद्र शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पुस्तक वितरण का आदेश दे दिया गया है इससे उम्मीद है कि जल्द से जल्द पुस्तकों का वितरण होगा इससे बच्चों को पढ़ाने में और पढ़ने आसानी होगी।