पुलिस की मानवता और सेवा भाव का आज एक और उदाहरण, एक दिव्यांग ... - CG Sandesh

पुलिस की मानवता और सेवा भाव का आज एक और उदाहरण, एक दिव्यांग की मदद करके सुरक्षित घर पहुँचाया,रास्ते मे खाने पीने की व्यवस्था की...

अक्सर पुलिस का नाम आते ही एक सख्त व्यक्तित्व जेहन में उभरता है। लेकिन समय के साथ-साथ खास करके कोरोना काल में ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें पुलिस का एक दूसरा रूप भी देखने को मिला। चाहे वह लॉकडाउन के समय फंसे हुए लोगों की मदद करने की बात हो, उनके लिए भोजन पानी की व्यवस्था की बात हो, लोगों में जागरूकता के लिए कभी फ्लैग मार्च तो कभी मास्क रक्षा सूत्र का अभियान हो। इन सभी के बीच रायगढ़ के आम जनता को सोशल पुलिसिंग के कई उदाहरण देखने को मिले। पुलिस की मानवता और सेवा भाव का आज एक और उदाहरण रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। एक दिव्यांग जिसे कोई मदद नहीं मिल रही थी। उसकी मदद के लिए रायगढ़ पुलिस का पूरा सिस्टम सामने आया।

दरअसल रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में रहने वाले एक युवक जिसकी उम्र करीब 32 से 35 के आसपास होगी। उसने बताया कि वह शादीशुदा है, बिलासपुर में काम करता है और तमनार में उसकी पत्नी और बच्चे रहते हैं। लेकिन एक सबसे दुखद बात.. शादी के कुछ साल बाद बीमारी के कारण उसके दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया।

बीती रात मे जनशताब्दी ट्रेन से रायगढ़ स्टेशन पहुंचा। युवक दोनों पैर दिव्यांग होने के कारण वह चलने फिरने में असमर्थ था। रात के समय उसे अपने घर तमनार जाने के लिए कोई भी वाहन व्यवस्था नहीं हुई। वह स्टेशन पर ही पड़ा रहा। अगले दिन तक दोपहर होने को आई मगर कोई साधन नहीं मिला। पैर खराब होने के कारण बस स्टेशन से बाहर भी नहीं निकल पा रहा था। ऐसे में रायगढ़ जिले के ट्रैफिक पुलिस डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह बघेल की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने मामला समझते ही रायगढ़ कोतवाली के थाना प्रभारी एसएन सिंह से चर्चा की।

कोतवाली थाना प्रभारी एसएन सिंह, जिनके पहले भी कई सामाजिक कार्यों के किस्से हमने सुने हैं। उन्होंने इस बार भी हमेशा की तरह उस दिव्यांग को उसके परिजनों तक पहुंचाने के लिए पहल शुरू कर दी। उन्होंने 112 राइनो को इवेंट दिया। 112 की टीम भी देर ना करते हुए रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची और उस दिव्यांग से बातचीत की गई और पूरा मामला समझा। फिर थाना प्रभारी को पूरे मामले से अवगत कराया जिसके बाद उन्होंने उन्हें उनके घर तमनार तक जाने की व्यवस्था कराई।

112 की टीम जिसमे आरक्षक आनंद निराला और ड्राइवर अज्ञात मल्होत्रा थे, उनके साथ गए। रास्ते मे बातचीत में दिव्यांग अनिल कुमार महंत ने बताया कि इसमें कल रात से कुछ भी नहीं खाया है। यह 112 की टीम ने भी मानवता और सेवा का परिचय देते हुए पहले उसे भोजन कराया। भोजन पानी के बाद उसे सकुशल उसके परिजनों के पास उसके घर तक छोड़ा। जिसके बाद परिजनों ने और दिव्यांग अनिल कुमार महंत ने पुलिस का शुक्रिया अदा किया।


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