घर का मुख्य दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में होना क्या होता है... - CG Sandesh

घर का मुख्य दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में होना क्या होता है-शुभ या अशुभ ? तो जानिए घर के लिए कुछ वास्तु टिप्स..छत्तीसगढ़ सन्देश विशेष...

वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने की टिप्स बताई गई हैं। अगर इन टिप्स को अपना लिया जाए तो हम कई परेशानियों से बच सकते हैं।

जानिए घर के लिए कुछ खास वास्तु टिप्स...

घर के मुख्य द्वार के लिए पूर्व या उत्तर दिशा श्रेष्ठ बताई गई है। अगर इन दिशाओं में घर का मुख्य द्वार न हो तो दरवाजे पर स्वस्तिक, श्रीगणेश जैसे शुभ चिह्न लगाना चाहिए। इन चिह्नों से घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। इस संबंध में मान्यता है कि आंगन में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मकता से बचाव होता है।

रोज सुबह तुलसी को जल अर्पित करें। शाम को तुलसी के पास दीपक जलाएं। तुलसी पूर्व या उत्तर दिशा में लगाना चाहिए। घर में खिड़की दरवाजों की संख्या सम हो तो शुभ रहता है। सम यानी 2, 4, 6, 8 या 10. दरवाजे और खिड़कियां अंदर की तरफ ही खुलना चाहिए, यह श्रेष्ठ रहता है।

घर में फालतू और बेकार सामान रखने से बचना चाहिए। इन चीजों से घर में नकारात्मकता बढ़ती है और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। घर में रखी तिजोरी का मुंह उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। जहां पैसा रखते हैं, वह स्थान सुगंधित होना चाहिए, वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। तिजोरी के दरवाजे पर कमल के आसन पर बैठी हुई महालक्ष्मी की तस्वीर लगानी चाहिए। रोज शाम को पूरे घर में कुछ देर के लिए रोशनी जरूर करनी चाहिए। ऐसा करने से सूर्यास्त के बाद बढ़ने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर हो जाती है। इस आलेख में दी गई जानकारी धार्मिक आस्थों ओर लौलिक मान्यताओं पर आधारित है। जिसे मात्र सामान्य जनरूचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।


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