बसना : कर्जा चुकाना कहकर पति ने पत्नी से मांगे ढाई लाख रूपये, सास, ससुर व पति पर मामला दर्ज.
थाना बसना अंतर्गत ग्राम बारडोली में पति व सास-ससुर द्वारा दहेज के रूप में दो लाख पचास हजार रूपये लाने के लिए मारपीट कर घर से निकाल देने पर मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस ने बताया कि पूर्णिमा साव का विवाह सामाजिक परंपरा के अनुरूप सन् 2018 में सम्पन्न हुआ. वर्तमान में उसका एक पुत्र है जो डेढ़ वर्ष का है.
31 जुलाई 2020 के शाम को पूर्णिमा का पति भावेश साव शराब पीकर पूर्णिमा को अपने मायके से ढाई लाख रूपये ला कहा और शादी तथा घर बनाने में जो कर्जा हुआ है उसे चुकाना है बोलकर हाथ मुक्का से मारपीट किया.
इसके आलावा पूर्णिमा के ससुर मदनलाल साव व उसकी सास मधुलता साव उसके पति का साथ देते हुए उसे मारपीट करने के लिए उकसाते हुए उसका मनोबल बढ़ाने लगे. तब वह अगले दिन 1 अगस्त 2020 को सुबह गांव के उसके चाचा ससुर विद्याधर साव, बड़े ससुर दिनोलाल साव तथा पड़ोसी विष्णु बारीक को जाकर मारपीट के बारे में बताई तथा इनके द्वारा समझाईस देने के लिये वह अपने घर बुलाई तथा पूर्णिमा साव के बड़े भैया जगन्नाथ साहू को फोन पर सूचना देकर बुलाई.
इसके बाद पूर्णिमा के पति एवं उसके सास-ससुर को इसी दिन शाम 5:00 बजे गांव के सरपंच के उपस्थिति में समझाईस दिया गया तब अनावेदकगण द्वारा इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं करने की वचन दिये.
जिसके बाद पूर्णिमा का बड़ा भैया अपने घर सरायपाली वापस आ गया. इसके बाद रात्रि 10:00 बजे पूर्णिमा का पति भावेश साव पुनः उसे कहने लगे अब तेरा भैया घर वापस चले गया. सरपंच व समाज वाले भी चले गये अब तू बता दो लाख पचास हजार रूपये अपने मायके से लाकर देगी या नहीं.
जिसपर पूर्णिमा ने अपने पति से कहा कि मेरे पिता की आर्थिक स्थिति अभी अच्छी नहीं है इतने बोलते ही पूर्णिमा का पति उसके ऊपर झपटा और जैसे बना हाथ मुक्का लात से बाल खींच-खींच कर मारने लगा, यहीं नहीं उसका पति भावेश साव उसका गला दबाकर कह रहा था हमारे घर की बात लोगों को बुलाकर बता रही है तुझे आज जान से मार दूंगा नहीं छोडूंगा.
वहीं पूर्णिमा के ससुर व सास उसे मारपीट से बचाने के बजाय उसके पति का साथ देते हुए उसे गंदी-गंदी गाली गलौज करने लगे और मारपीट करने व घर से भगाने के लिए उसके पति को उकसाने लगे और उसका मनोबल बढ़ाने लगे.
इसके बाद पूर्णिमा उनके चुंगल से निकलकर बाहर आई और तत्काल 112 को फोन कर बुलाई तब 112 में आये कर्मचारियों के द्वारा समझाने का प्रयास किये पर किसी प्रकार से समझने का प्रयत्न नहीं किया जा रहा था.
पूर्णिमा ने बताया कि उसका पति अंत में यह भी कहा कि अगर तू दो लाख पचास हजार रूपये लेकर नहीं आयेगी तो जान से हाथ धो बैठेगी. यदि 112 समय पर नहीं पहुंचती तो निश्चित तीनों अनावेदकगण मिलकर उसे जान से मार दिये होते.
पीड़ित महिला ने बताया कि इसके पूर्व भी उसके पति भावेश साव द्वारा उसके इलाज में खर्च हो जाने पर आगे और इलाज न कराने तथा इसके लिये रकम की मांग करते हुये कई बार मारपीट कर घर से भगाया गया. उसके पति, ससुर व सास के द्वारा कई बार उसे आत्महत्या के लिये उकसाया गया, उसे भूत और टोनही पकड़ा है करके कई बैगाओं को घर बुलाकर झाड़ फूंक करवाया गया, साथ ही उसे गर्भावस्था के दौरान बहुत प्रताड़ित किया गया.
मामले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपीयो के विरुद्ध अपराध धारा 323-IPC, 34-IPC, 498-A-IPC अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.