6 माह पूर्व मनरेगा के तहत कराए कार्य में छिपाई जा रही जानकारी, नागरिक सूचना पटल से गायब आवश्यक जानकारियां…हिसाब किताब में कमी को बता रहे वज़ह देता है संदेह को जन्म...
रायगढ़ जिले से महज 12 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कोतरा में मनरेगा के तहत कराए गए तालाब गहरीकरण के कार्य में बड़ी झोलझाल देखने को मिल रहा दरअसल जब भी किसी तालाब में गहरीकरण का कार्य किया जाता है तो कार्य पूर्ण होने के बाद वहां नागरिक सूचना पटल का बोर्ड लगाया जाता हैं जिसमें कार्य से जुड़ी समस्त जानकारी अंकित किया जाता हैं लेकीन जिले के ग्राम पंचायत कोतरा में एक ऐसा गांव हैं जहां के पंच सरपंच व सचिव इतने लापरवाह है कि तालाब गहरीकरण हो जाने के कई महीने बाद भी तालाब किनारे बनाए गए नागरिक सूचना पटल में कार्य से जुड़ी सारी जानकारी गायब हैं.
पूछने पर सरपंच बताते हैं की हिसाब किताब में कुछ कमियां हैं जिसे पूरा करने के बाद नागरिक सूचना पटल में जानकारी अंकित कर दिया जाएगा, लेकिन सवाल यह उठता है कि जो काम गर्मी महीने माह में पूरा कर लिया गया था उसके कई महीने बीत जाने के बाद तालाब गहरीकरण के कार्य का ऐसा क्या हिसाब किताब हैं जो अब तक पूरा ना हो सका और उसकी जानकारी सूचना पटल में अंकित करने से ग्राम पंचायत कोतरा के सरपंच, सचिव घबरा रहे हैं जो कई सवाल उत्पन्न करती हैं लेकिन सच्चाई क्या है यह प्रशासनिक जांच के बाद ही पता चल सकेगा।
जिला कलेक्टर भीम सिंह व जिला प्रशासन के कड़े निर्देश उपरांत ग्राम पंचायतों में मनमानी
रायगढ़ जिला कलेक्टर भीम सिंह व जिला प्रशासन द्वारा सबंधित अधिकारियो व पंचायत स्तर के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि ग्राम पंचायत के मनरेगा व अन्य योजना से जुड़े कार्यों में कतई अनियमता य किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी लेकिन अगर जमीन पर इसकी सच्चाई व हकीक़त देखें तो कुछ उलट ही नजर आता हैं जिले के कई ऐसे ग्राम पंचायत हैं जहां पहले भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी हो चुकी हैं जहां सरपंच सचिवों पर कार्यवाही भी हुई लेकिन पुराने वाक्यांशो से सबक लेकर प्रशाशन जागी न पंचायत स्तर पर सचिव सरपंचों के हौंसले कम हुए ।
नागरिक सूचना पटल चकाचक लेकिन जरूरी जानकारी नदारद:-
सूचना पटल में जानकारी नदारद
ग्राम पंचायत अंतर्गत होने वाले मनरेगा के तहत कार्यों में पंचायत द्वारा नागरिक सूचना पटल का बोर्ड लगाकर उसमें कार्य से जुड़ी समस्त जानकारी को अंकित किया जाता है जिसमें कार्य का यूनिक कोड, कार्य का क्षेत्रफल लंबाई/ इकाई, कार्य की प्रशासनिक स्वीकृत राशि व दिनांक, योजना का नाम व योजना की राशि, कार्य प्रारंभ तिथि, कार्य पूर्णता तिथि, सामग्री लागत, श्रमिक लागत व योजना से जुड़ी समस्त जानकारी को सूचना पटल में अंकित किया जाता है लेकिन ग्राम पंचायत के मूड़ा डीपा स्थित तालाब गहरीकरण हो जाने के लगभग 6 माह गुजर जाने बाद भी नागरिक सूचना पटल में जानकारी अंकित करने का काम नहीं किया गया जो कई सवाल उत्पन्न करते हैं
योजना संबधित जानकारी लेने हमारी टीम ने सचिव को फोन लगाया तो उन्होंने फोन तलक नहीं उठाया
लेकिन कार्य में लागत श्रमिक राशि, स्वीकृत राशि व अन्य जानकारियों को क्यों छिपाया जा रहा है इसका जवाब गांव के सरपंच ,सचिव, रोजगार सहायक ही दे सकते हैं लेकिन जब हमारी टीम द्वारा सचिव, व रोजगार सहायक को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन तलक नहीं उठाया। जबकि सरपंच ने हिसाब किताब में कमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।
ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत कोतरा के मूड़ा डिपा स्थित जिस तालाब में मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य किया गया हैं वह करीबन 6 माह पहले ही पूर्ण कर लिया गया है जिसके कई महीने बाद जानकारी को क्यों अंकित नहीं किया जा रहा है ऐसा क्या है जिसे सरपंच सचिव छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। उक्त घटनाक्रम की सच्चाई प्रशानिक जांच उपरांत ही सामने आ सकेगी ।