90 हजार की धोखाधड़ी, मंत्रालय में नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने के बाद सालभर से फरार आरोपी राजधानी से गिरफ्तार
गरियाबंद। राजिम पुलिस ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सालभर से फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है। आरोपी हेमंत कुमार वर्मा पर मंत्रालय में चपरासी की नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले में दो लोगों के खिलाफ सालभर पहले राजिम थाना में शिकायत दर्ज हुआ था। पुलिस राजेश कुमार साहू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि हेमंत कुमार लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहा था। सिलतरा निवासी हेमंत बार बार अपना स्थान बदलकर रायपुर में रह रहा था। जिसे मंगलवार को राजिम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर कोमा निवासी राजेश कुमार साहू और हेमंत कुमार
वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। राजिम पुलिस ने राजेश को
गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि सिलतरा निवासी हेमंत तब से फरार चल रहा था।
इस दौरान आरोपी हेमंत लगातार अपना ठिकाना बदलकर राजधानी में छिपा रहा।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामला कोमा गांव का है। मामले का
खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने कोमा निवासी रूपेश कुमार साहू से मंत्रालय
में नौकरी लगाने के नाम पर पैसे लेने के बाद भी उसका काम नही किया। जानकारी
के मुताबिक आरोपियो ने पीड़ित से 70 हजार ओर फिर 20 हजार दो बार में कुल 90
हजार ऐंठ लिए। मामला 2016 का है। तीन साल बाद भी जब आरोपियों ने रूपेश को
नौकरी नही दिलाई और ना ही उसकी रकम वापिस की तो उसने राजिम थाना में मामले
में शिकायत दर्ज करायी।
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने गंभीर एवं पुराने अपराधों को निपटाने के निर्देश दिए। जिस पर राजिम पुलिस ने एक बार फिर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी की धरपकड़ तेज की। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी अपना सिलतरा का घर जमीन बेचकर रायपुर में रह रहा है। पयलिस ने कई जगह छापामारी की। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि आरोपी वॉलमार्ट में किराया की दुकान संचालित कर रहा रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जहां से कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
उक्त कार्य वाही में थाना राजिम के सहायक उपनिरीक्षक गोपाल राम साहू,
आरक्षक टेमन दुबे, सैनिक विक्की सोनी, साइबर सेल गरियाबंद के आरक्षक सतीश
यादव का विशेष योगदान रहा है।