बैंक लोन पास करवाने के नाम से ऐसे देते हैं लोगों को धोखा..सा... - CG Sandesh

बैंक लोन पास करवाने के नाम से ऐसे देते हैं लोगों को धोखा..सावधान छत्तीसगढ़..!रायगढ़ से जुड़े हैं तार..कहीं आप भी तो नही आ गए हैं इनके झांसे में..? पढ़िए और सतर्क रहें...

राजधानी रायपुर में बैंक लोन और फाइनेंस के नाम पर धोखाधड़ी एक सनसनीखेज मामला आया है जिसके तार रायगढ़ से जुड़े हैं। इसमें रायगढ़ के प्रतिष्ठित सिविल कांट्रेक्टर का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी पूर्व में रायगढ़ निवासी था जो अभी रायपुर में रह रहा था। यह पूरा गैंग सस्ते लोन दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज लेकर उनके नाम पर महंगी टू व्हीलर गाड़ियां फाइनेंस कराता था। जिसकी जानकारी दस्तावेज धारको भी नहीं थी। बाद में इन गाड़ियों को बेच दिया जाता था।

17 दिसंबर को रायपुर जिले के तेलीबांधा थाने में G4 फैसिलिटी में उनका काम करने वाले सूरज डेहरिया ने पवन जयसवाल और आमोद पोद्दार खिलाफ धोखाघड़ी शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़ित सूरज डहरिया ने बताया कि

वह कृषक नगर जोरा थाना तेलीबांधा रायपुर में रहता है और वह जी/4 फेसलिटी सर्विस में प्यून का काम करता है। माह अगस्त 2020 में उसकी पहचान से आरोपी पवन जायसवाल व आरोपी आमोद पोद्दार से श्याम लाल निर्मलकर जोरा वाले के माध्यम से हुई। दोनों ने उन्हें विश्वास में लेते हुए बताया कि तुम लोगो को एचडीपी और एचडीएफसी बैंक से लोन फाइनेंस करा देंगे। एक लाख से 5 लाख तक का लोन जनवरी 2021 तक मिल जायेगा। इसके लिए उसने पीड़ित सूरज डेहरिया व श्याम लाल का आधार कार्ड, फोटो, बैंक पास बुक, खाली चेक बुक, पेन कार्ड ले लिया।

बैंक से आया किश्ती का फ़ोन

इसके बाद में माह सितम्बर में एचडीएफसी बैंक से फोन आया कि आपका बुलेट का किस्त नही पट रहा है। जिसमें आपका 2 लाख 40 हजार बुलेट का है। 5546/- रूपये प्रतिमाह पटाना है। इसी तरह दूसरे बैंक एचडीपी बैंक से टीव्हीएस जूपीटर का किस्त नही पट रहा है। फोन आने पर दोनी आरोपियों पवन जायसवाल व आमोद पोद्दार से बातचीत किये तो धीरे-धीरे किस्त पटाओ फिर लोन पास करा देंगे।

खुद जुटाई जानकारी तो पैरो तले सरकी जमीन

आगे पीड़ित ने बताया कि जब इस पूरे मामले की वो खुद जानकारी लेने बैंक पहुंचा तो उसे मालूम चला कि पवन जायसवाल व आमोद पोद्दार उंसके और अन्य के नाम से फर्जी रूप से 1 बुलेट रायल शोरूम पंडरी, 1 जूपीटर टीव्हीएस शोरूम तेलीबांधा से फाईनेंस कराया है। जिसका किस्त मेरे नाम से आ रहा है। इसके अलावा श्याम लाल निर्मलकर जोरा का भी 2 बुलेट रायल शोरूम पंडरी व 1 होण्डा शाईन टिकरापारा होण्डा सिटी से फाइनेंस कराया है। योगेश्वरी निर्मलकर लालपुर वाले के नाम से 1 बुलेट पंडरी से, गुलापा साहू न्यु राजेन्द्र नगर वाले से 1 एक्टिवा फर्जी रूप से फाइनेंस कराया है।

आगे पीड़ित ने बताया कि उसे व अन्य लोगो के नाम से फाइनेंस गाडी किसी को नही मिला है। पवन जायसवाल व आमोद पोद्दार के द्वारा मेरे व अन्य लोगो के नाम से फर्जी रूप से लोन दिलाने के नाम पर गाडी फाइनेंस कराकर धोखाधडी किया है।

तेलीबांधा पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच के बाद 17 दिसंबर को आईपीसी की धारा 420 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

रायगढ़ एक सिविल कांट्रेक्टर से मिली 5 गाड़िया

इस पूरे मामले में तेलीबांधा पुलिस को जांच के दौरान इसके तार रायगढ़ से भी जुड़े मिले। इस मामले में आरोपी पवन जयसवाल पहले रायगढ़ का निवासी रह चुका है जो पिछले तीन-चार सालों से रायपुर में रह रहा है। फाइनेंस हुई गाड़ियों को रायगढ़ के एक सिविल कांट्रेक्टर से पांच गाड़ियों की बरामदगी की गई है। कुछ लोगों को सिविल कांट्रेक्टर के माध्यम से कुछ गाड़ियां सस्ती कीमत पर बेची गई है। बताया जा रहा है कि रायगढ़ में कई लोगों ने सस्ती स्कीम के झांसे में आकर ऐसे ही गाड़ियों को खरीदा है। इनमें से कईयों को तो पता भी नहीं कि वह गाड़ियां इस मामले में लिप्त है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि ऐसे 15 लोगों के आधार कार्ड और दस्तावेजों के आधार पर गाड़ियां फाइनेंस कराई गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। इसके साथ ही हमारी भी पड़ताल इस विषय पर जारी है। आगे और भी कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है..


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