जिले के सरपंचो ने एक स्वर में मोती पटेल को चुना अपना नेता... निर्विरोध सरपंच संघ अध्यक्ष बने मोती पटेल तो उपाध्यक्ष बनी गुलाबी सिदार...
जनवरी को जिले के राजनीतिक पटल पर एक नया अध्याय लिखा गया, जिलेनमे पहली दफ़ा सरपँच संघ का चुनाव निर्विरोध किया गया।
पँचायत प्रतिनिधियों ने संगठन के महत्व को समझकर और अपने पँचायत के विकास के लिए एक होने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्होंने रायगढ़ के केलो डेम के समीप बैठक का आयोजन किया था, बैठक में जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
जिस प्रकार फूलों को जोड़ने के लिए एक धागे की जरूरत होती है उसी प्रकार पूरे जिले के सरपंचो को जोड़ने के लिए भी योग्य धागे की आवश्यकता थी। जिसे पूरे सरपंचो ने एक स्वर में मोती पटेल को अपने अध्यक्ष हेतु योग्य समझा...
मोती पटेल एक संक्षिप्त परिचय:-
सारंगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले परसदा पँचायत के परसकोल गाँव मे जन्मे मोती पटेल 3 भाइयों में दूसरे नम्बर के हैं। बचपन से राजनीतिक परिवेश ने रहने के पश्चात मोती पटेल के अंदर समाज सेवा का भाव आने लगा। वो अपने गाँव ही नही अपितु आसपास के जनता के मध्य लोकप्रिय होने लगे। अमीर गरीब सब की सहायता के लिए उनकी ततपरता ने उन्हें अगली पंक्ति का नेता बना दिया था,, पूर्व में सरपँच रह चुके मोती पटेल वर्तमान में भी सरपँच है और साथ ही साथ सारंगढ़ सरपँच संघ के अध्यक्ष भी हैं।
राजनीति के अलावा खेलकूद में भी मोती पटेल की विशेष रुचि है आसपास के अभी प्रतियोगिता सहित शहरी स्तर के सभी कार्यक्रम में मोती पटेल को सहज ही देखा जा सकता है।क्षेत्र में युवाओं के रोलमॉडल होने के साथ साथ महिलाओं और बुजुर्गों में भी मोती पटेल काफी दुलारे नेता माने जाते हैं।
बताना लाजमी होगा कि मोती पटेल एक मृदुभासि मिलनसार और एक किसान नेता के नाम से क्षेत्र में प्रख्यात है उन्हें क्षेत्र की जनता अपने लीडर की रूप में देखती है।
मोती पटेल के जिम्मे उनके स्वयं के पंचायत क्षेत्र के अलावा पूरे सारंगढ़ की बागडौर भी सम्हाली है लेकिन अब जिले के सभी पंचायत क्षेत्रो का दामन थाम लिया है, और ऐसे में अब उनसे जिले के सभी पंचायत क्षेत्र आशाएं बढ़ गई है।
कुछ सरपंचों की माने तो उनके अध्यक्ष बनने के बाद अब उन्हें ऐसा लगा रहा है मानो उनके क्षेत्र का विकास निश्चित है जिसको सफल बनाने में मोती पटेल खरा उतरेंगे ।
क्या कहते हैं मोती पटेल:-
इस संबंध में हमे मोती पटेल ने बताया कि
जिले के सभी जनपद क्षेत्र के सरपंच संघ अध्यक्ष सहित सरपंचों ने जो मेरे
ऊपर विस्वास जताया और कहा कि उसमें सौ प्रतिशत मैं खरा उतरने का प्रयास
करूंगा साथ ही उनके हर सुख दुख व उनके कार्यक्षेत्र की विकास के लिए मैं
हमेशा तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगा ।
राह सुहानी लेकिन चुनौतियों से भरी..
विगत
कुछ महीने में उनके खुद के सारंगढ़ अंचल में कानून, नेता और कलमकार के बीच
सामंजस्य सही नही रहा है। विगत कुछ समय से आपसी मनमुटाव की खाई बढ़ सी गयी
है जिसे पाटना उनकी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
मोती पटेल की छवि जिस तरह आपसी
सामंजस्य से सबको साथ लेकर चलने की रही है इससे अंचल के सरपंचो ,क़ानूनकार
और कलमकारों के बीच खाई पाटने में कितने सक्षम हो पाते हैं ये तो आने वाला
वक्त ही बताएगा।