कॉर्पोरशन में करप्शन: निर्माण कार्य के अवशेष भी नहीं और निकाल लिए पैसे…
निगम के द्वारा बनाई गई तालाब की पचरी अब उसके गले की फांस बन गई है। इसकी जांच के लिए बिलासपुर से टीम आई है। जांच करने आई टीम ने काम का जायजा लिया। जिसके बाद संभागीय टीम यह देखकर हतप्रभ रह गई कि जिस निर्माण कार्य की वे जांच करने आए हैं, उसका निर्माण ही नहीं हुआ। ऐसे में टीम के यूजी तिर्की ने इस मामले को गंभीर बताया है।
इस मामले में पहले ही आयुक्त द्वारा निर्माण कार्य की जांचकर संबंधित ठेकेदार और नगर निगम के कार्यपालन यंत्री समेत 4 लोगों को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगी जा चुकी है। दरअसल जिस निर्माण कार्य को देखने टीम गई थी, उस काम का कोई अवशेष भी जांच टीम को वहां दिखाई नहीं दिया।
यह है पूरा मामला
बता दें कि मामले के अनुसार वार्ड क्रमांक 41 सहदेवपाली व छातामुड़ा के तालाब में पचरी निर्माण का काम निगम के ठेकेदार संजय अग्रवाल को दिया गया था। बताया जाता है कि इन दोनों पचरी निर्माण के नाम पर 3 लाख 80 हजार से ज्यादा पैसे का आहरण कर लिया गया और निर्माण के नाम पर न तो वहां एक ईंट गिरी न ही कोई कुली-मिस्त्री पहुंचा। लेकिन पैसे पूरे निकल लिए गए। जब शिकायत के बाद जांच हुई तो पहले निगम आयुक्त ने और अब बिलासपुर की संभागीय टीम ने भी कहा है कि जो शिकायत की गई थी वह सही पाई गई है।
निगम की सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द इस मामले में बड़ा एक्शन हो सकता है। संबंधित लोगों के विरुद्ध FIR भी दर्ज करवाई जा सकती है। ठेकेदार संजय अग्रवाल इससे पहले शौचालय घोटाला में भी प्रसिद्धि पा चुके हैं। हालांकि भाजपा शासन के जाने के बाद शौचालय घोटाले की जांच भी कहीं हवा हो गई।