कोमाखान : ग्राम नर्रा में अवैध शराब बिक्री और तीन निर्दोष ग्रामीणों के गिरफ्तारी से आक्रोशित ग्रामीणों ने नर्रा के सभी मार्ग को किया सील
कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम नर्रा अवैध शराब बिक्री को लेकर पिछले महीने भर से चर्चा में है।जानकारी के लिए बता दें कि ग्राम नर्रा महासमुंद जिले का अंतिम छोर है उसके बाद ओडिशा सीमा शुरू हो जाता है इस वजह से खरियार रोड ओडिशा से अवैध शराब और गांजा जैसी नशीली पदार्थों का तस्करी भारी मात्रा में होने की खबरें आती रहती है।जिसके चलते नर्रा के ग्रामीण अपने गांव में होने वाले अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे है ।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 1 अक्टूबर 2020 को अवैध शराब बेचने वाले ओंकार ठाकुर खरियार रोड, हुलेश दीवान नर्रा, मुबारक अली नर्रा एवं उनके साथियों के खिलाफ आवाज उठाने से जिसमे शराब बेचने वाले और ग्रामीणों के बीच मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई और जब कोमाखान पुलिस गांव में आई तो ग्रामीणों द्वारा पुलिस का रास्ता रोक कर पुलिस वाहन पर तोड़ फोड़ शुरू कर दी।
स्थिति को काबू पाने के लिए कोमाखान पुलिस, बागबाहरा पुलिस और तेंदुकोना पुलिस दल को मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू पाया गया था ।और सभी आरोपीयों को गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया था । जिसके कुछ दिनों बाद सभी आरोपी जमानत पर बाहर आये थे ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 अक्टूबर 2020 को हुई अवैध शराब बिक्री के घटना और पुलिस वाहन के तोड़ फोड़ के मामले में कोमाखान पुलिस ने प्रीतम पटेल, संजय पटेल और जीतू राजपूत को, पूछ ताछ के लिए बुलाया था और वही से तीनों को गिरिफ्तार कर लिया ।
जब इस बात का ग्रामीणों को पता चला तो गांव वालों में आक्रोश फैल गया कि आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और निर्दोष ग्रामीण को पुलिस थाने में बंध कर रखी है। पुलिस प्रशासन आरोपियों का साथ दे रही है ।
इस बात से ग्रामीण नर्रा से होकर गुजरने वाली सभी रास्तों ओर पेड़ काट कर एवं कांटों से पूरे रास्ते को सील कर दिया है, जिससे पुलिस प्रशासन एवं किसी भी प्रकार का वाहन गांव के अंदर न घुस सके,और इस बीच गांव में पंचायत बुला कर गांव के निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस छोड़ा जाए तभी हम ग्राम वासी, नर्रा से गुजरने वाली सभी रास्तों का अवरोध हटाएंगे, पंचयात के दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिला गांव में किसी भी प्रकार का वाहन और बाहरी व्यक्तियों का आना जाना सख्त माना कर दिया गया था।
ग्राम नर्रा की स्थिति जो आज देखने को मिला उससे मालूम होता है अवैध शराब की बिक्री और पुलिस की अड़ियल रवैया से यहां के लोग आक्रोशित है और यहां की स्थिति नाजुक बनी है ।पुलिश प्रशासन को यहाँ की स्थिति को गम्भीरता से लेते हुए उचित कार्यवाही करने चाहिए।