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बिग ब्रेकिंग : कोमाखान थाना ग्राम नर्रा के ग्रामीणों द्वारा कोमाखान थाना का घेराव के लिए निकले ग्रामीण ,रास्ते मे ही रोकी पुलिस

कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम नर्रा के ग्रामीणों एवं आसपास इलाके से लोगों द्वारा हजारों की संख्या में कोमाखान थाना का के घेराव करने के लिए निकले और कोमाखान पहुचने से पहले ही कांदा जरी नाले के पास पुलिस बल द्वारा बेरिकेड्स लगाकर ग्रामीणों का रास्ता रोक लिया गया इस बात से ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया और वही पर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे ,,ग्रामीणों ने बताया पुलिस प्रशासन के अड़ियल रवैय्या से अवैध शराब तश्कर फल फूल रहे है और और हमारे निर्दोष ग्रामीण पुलिस थाने में बंद है ।पिछले 1 अक्टूबर 2020 को ग्राम नर्रा में ग्रामीणों द्वारा अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाये थे जिसमें शराब तश्कर और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया इस बीच बचाव के लिए कोमाखान पुलिस मौके पर पहुची तब अज्ञात लोगों ने पुलिस वाहन पर तोड़ फोड़ शुरू कर दिए

इसी मामले को लेकर ,संजय पटेल ,प्रीतम पटेल और जीतू राजपूत के नाम पर वारंट निकला था मामले के पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था और वहीं से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया ।ग्रामीणों का कहना है संजय पटेल ,प्रीतम पटेल,और जीतू राजपूत तीनो निर्दोष है जिन्हें पुलिस ने थाने में बंद कर रखा है,इसी आक्रोश में ग्रामीण थाने के घेराव के लिए निकले है । और इस आंदोलन के साथ देने के लिए इलाके के जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीण भी आये हुए है लेकिन कोमाखान पहुचने से पहले कांदाजरी नाले के पास पुलिस बल द्वारा बेरिकेड लगाकर ग्रामीणों का रास्ता रोक लिया गया ग्रामीणों ने कहा पुलिस प्रशासन यह नारा लगाते फिरती है हमर पुलिस हमर संग ,,यह नारा महज दिखावा है

जबकि पुलिस अपराधियों का साथ देने वाली है ,,पिछले दीन 7 फरवरी रविवार को संजय पटेल ,प्रीतम पटेल और जीतू राजपूत के रिहाई के लिए ग्राम नर्रा से गुजरने वाले सभी मार्गों पर पेड़ काट कर और कांटें लगा कर रास्ते को अवरोध कर चक्का जाम का एलान किया गया था ,सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान भी सामूहिक रूप से बंद रखा गया था ,गांव में जन अदालत लगा कर अवैध शराब बेचने वालों को पंचयात में बुलाया गया था जिसमे अवैध शराब बेचने वाले मुबारक अली ,ने अवैध शराब बिक्री की बात कुबूल की और अपने सभी सहयोगियों के नाम भी बताए ,और यह बात भी कुबूल किये की उनके द्वारा ,पुलिस और आबकारी विभाग को भी चंदा दिया जाता है ।इन सब के बावजूद पंचयात में अवैध शराब बेचने वाले को समझाइस दिया गया था कि भविष्य में ग्राम नर्रा में अवैध शराब की बिक्री न करे ,,

पुलिस प्रशासन की सुसुप्त रवैया और आरोपियों के साथ देने की वजह से ही मामला इतना गरमाता जा रहा है,ग्रामीणों के उग्र आंदोलन की सूचना पाकर मौके पर ,तहसीलदर बागबाहरा ,श्री ए .के.भोई,,एस, डी,एम,श्री भागवत प्रसाद जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मति मेघा टेम्बुलकरएस, डी,ओ,पी,श्री मति लितेश सिंह ,और कोमाखान थाना प्रभारी सिध्देश्वर प्रताप सिंह,मौके पर मौजूद होकर हालात को काबू में करने लिए ग्रामीणों से चर्चा किये इस दौरान ग्रामीण महिला ने एस ,डी,एम,से कहा आपकी पुलिस प्रशासन जिन अवैध शराब बेचने वाले अपराधियों को थाना में शरण देती है जब भी हम गांव में पंचायत रखते है उस समय आप इन अपराधियों को थाना बुला लेते हो जिससे ये लोग जिनसे ये लोग पंचायत की कारवाई से बच जाते है।

आप शासन प्रमुख हो फिर भी हम आपके मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नही है आप हमें लिखित में दो और हमारे निर्दोष ग्रामीणों को निशर्त रिहा करो तभी हम यहाँ से जाएंगे ,अन्यथा यही डटे रहेंगे ।प्रविंद्र दीवाकर (राजा बाबू)नर्रा ने एस, डी,एम ,से कहा हमारे गाँव से रोजी रोटी के लिए लोग खरियाररोड जाते है जिन्हें ओंकार ठाकुर ,एवं अन्य साथियों द्वारा मारपीट कर जान से मारने की धमकी दिया जाता है ,इस विषय को लेकर हमने थाने में लिखित शिकायत दर्ज भी करवाई है लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्यवाही आजतक नही हुआ ,इसके विपरीत हमारे ग्रामीणों को ही पुलिस थाने में बंद कर रखी है जब तक हमारे बच्चे को पुलिस रिहा नही करेगी तब तक हम यही डंटे रहेंगे ।
एस,डी,एम,ने ग्रामीणों को विस्वास दिलाया कि हम लोग जिला मजिस्ट्रेट को इस विषय मे सूचित कर दिए है उसके बाद हम तीनों ग्रामीणों को कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहा करने की पुरी कोसिस करेंगे ।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ग्रामीणों का आक्रोश इतना ज्यादा था कि ग्रामीण अपने तीनो ग्रामीणों के रिहाई के लिए कुछ भी करने को तैयार थे शाम 4 बजे स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि पुलिस द्वारा ग्रामीणों पर आंसू गैस के गोले और लाठी चार्ज करना पड़ा खबर लिखने तक स्थिति सामान्य होने के बजाय और बिगड़ता जा रहा है।।


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