ग्राम बेलसोण्डा में हुये गोली काण्ड हत्या का खुलाशा, प्रेमी ने अन्य दो साथियों साथ मिलकर रचा हत्या का षड़यंत्र.
पहले दिन हत्या करने में असफल होने पर अगले दिन दिया हत्या को अंजाम.
महासमुंद पुलिस ने ग्राम बेलसोण्डा में हुये गोली काण्ड हत्या का खुलाशा किया है, इस हत्याकाण्ड में प्रेमी ने अन्य दो साथियों साथ मिलकर हत्या का षड़यंत्र रचा था. और मौका पाते ही युवती की हत्या कर दी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 फरवरी दोपहर 12:00 बजे रूपा धीवर अपनी बहन हेमलता के साथ को पंचायत काम्प्लैक्स के मेडिकल स्टोर्स में दवाई लेने के लिये गयी थी. और मेडिकल स्टोर्स से दवा लेकर घर वापस आ रही थी. तभी काले रंग के मोटर सायकल में आरोपी चन्द्र षेखर परमार निवासी नदी मोड घोडारी अपने दो अन्य दोस्तो के साथ मोटरसाकल में वही गली पर ही खड़ा था.
मेडिकल से वापस आते समय कुछ दूर बाद आरोपी चन्द्र षेखर परमार मोटर सायकल से उतर कर रूपा धीवर जबरदस्ती पकड लिया, जहाँ मुख्य आरोपी के दोनो दोस्त काले रंग की मोटर सायकल में नजदिक में ही खड़े थे.
इसी दौरान आरोपी चन्द्र षेखर अपने पास से एक लोहे का पिस्तोल निकाला और रूपा धीवर के कनपट्टी में टिका दिया. जिसका रूपा की बड़ी बहन द्वारा बीच बचाव करने की कोशिश के दौरान ही आरोपी चन्द्र षेखर परमार ने रूपा धीवर की हत्या कर दी.
थाना सिटी कोतवाली व सायबर सेल की टीम द्वारा टीम बना कर अलग-अलग आरोपीयों की पता तलाष प्रारंभ किया. थाने से सूचना मिली की आरोपी चन्द्रषेखर डर के कारण थाने में आकर सरैण्डर कर दिया है. तथा दो अन्य साथी भरतलाल निषाद व गोपाल यादव को ग्राम मुढेना में घेराबंदी कर पकडा गया.
आरोपीयों की तलाशी लेने पर आरोपी चन्द्र शेखर अपने पीछे कमर में छुपा कर रखा 01 नग देषी कट्टा व 01 नग जिंदा कारतुष तथा दो साथियों पास रखे 01-01 चाकू मिला जिसे जप्त किया गया.
आरोपी को उक्त हत्या के संबंध में पूछताछ करने पर गोल-मोल जवाब देता रहा. जवाब में भिन्निता पाई जाने पर आरोपी से कडाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म कबुल किया और बताया कि मृतक रूपा धीवर के साथ उसका पिछले 02 वर्शो से प्रेम-प्रसंग था उनके घर वालो को वह पसंद नही था तथा उनके घर वाले उसके प्रति उसे भडका कर उसे दूर रहने को कहते थे.
जिससे रूपा धीवर ने आरोपी चन्द्रशेखर का प्रस्ताव ठुकरा दिया, और शादी करने से मना कर दिया. तब आरोपी चन्द्रशेखर का दीमाक फिर गया और मौके देखर उसने रूपा धीवर को मार दिया.
थाना सिटी कोतवाली व सायबर सेल की टीम दो साथियों के बारे में पूछने पर बताया कि रूपा धीवर की हत्या करने में सहयोग करने के लिये उसके दो अन्य साथी भरतलाल निषाद एवं गोपाल यादव को प्लान में शामिल किया. तथा हत्या में सहयोग करने के लिए 70,000/- रूपये में भरतलाल से बात-चीत हुई.
इसके बाद 10 फरवरी 2021 को भी चन्द्रषेखर व भरतलाल निशाद ने रूपा धीवर की हत्या करने बेलसोण्डा तलाब के पास नहाने के लिए आने का ईन्तजार कर रहे थे परन्तु रूपा धीवर के नही आने पर उनका प्लान सफल नही हो सका जो अगले दीन 11 फरवरी 2021 को पुनः तीनों ने मिलकर रूपा धीवर को उसके घर के पास गली में देषी कट्टे से कनपट्टी पर गोली मार हत्या कर घटना अंजाम देने में सफल हो गए.
यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में अति0 पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्भुरकर साहू एवं अनु0अधिकारी (पुलिस) महासमुन्द आपूर्वा सिंह के निर्देशन में थाना कोतवाली प्रभारी षेर सिंह बन्दे, सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक संजय सिंह राजपूत, उप निरीक्षक योगेष कुमार सोनी, उनि उदय राम साहू सउनि0 सुषील षर्मा एवं टीम द्वारा की गई है.