बागबाहरा : 400 वर्ष प्राचीन वट वृक्ष के संरक्षण और  संवर्धन ... - CG Sandesh

बागबाहरा : 400 वर्ष प्राचीन वट वृक्ष के संरक्षण और संवर्धन के लिए कोमाखान के क्षेत्र वासी लगा रहे गुहार

खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के कोमाखान के अंतर्गत ग्राम बम्हनसरा मे 400 वर्ष पुर्व बरगद के विसालकाय पेड़ है और मान्यता है कि इसमे कोमखान के राजा का कुल देवी बस्तरहीन माता का निवास है इसमे लगभग 150 से अधिक मधुमखखी के छत्ते है यहाँ कई प्रकार के जीव जंतु निवास करते है यहाँ क्वांर नवरात्र मे आश्टमी के दिन यहा मेला लगता है दूर दराज से लोग यहां मेला देखने आते है यहाँ देवी देवता की मान्यता है इसके लिये 15 साल से निरंतर वनविभाग को, छतीसगढ शासन को,कलेक्टर को,ग्रीन केयर सोसायटी को, इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए इनकी ग्रामीणों द्वारा सूचित किया जा रहा है इसके लिये भूमि दान भी दिया गया है और गाँव वाले यहा पर हर स्तर पर धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम करते है और ये इस क्षेत्र का धरोहर है छतीसगढ मे इससे प्राचीन वट वृक्ष नही है इसलिये इसको संरक्षित करने की मांग वन विभाग को किया जा रहा है

इसके लिये पिछ्ले बजट सत्र रायपुर (कोपा) मे बजट पास हो गया था लेकिन वनविभाग रेंजर की लापरवाही से बजट मे लेप्स करवा दिया गया इसका लिखित कागजात भी ग्रामीणों के पास है इसमे वनविभाग के DFO और महाप्रबंधक ने भी परिसीमन करके अपना कागजी कार्यवाही पुर्ण कर लिया गया है क्षेत्रवासी व ग्रमीणजन इसे पर्यटक की दृष्टि से इस जगह को विकसित करने का लगातार प्रयास एंव शासन-प्रशासन से इसकी माँग कर रहे है ,जय माँ बस्तरहीन संरक्षण समिति के सचिव गिरवर साहू ने यह जानकारी दी छतीसगढ सरकार इस माँग को इस बार चल रहे बजट सत्र 2021-22 मे सामिल करे ताकी इस जगह को पर्यटक का दर्जा मिल सके।।


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