नागरिकों को कोविड टीकाकरण की हुई शुरूआत...शहर-गांव सभी जगहों से लोगों ने वैक्सीनेशन केन्द्र पहुंचकर लगवाये टीके...
राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण अभियान में आज से 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों तथा 45 से 59 वर्ष के आयु वर्ग के ऐसे व्यक्ति जो गंभीर बीमारी से पीडि़त है उनके टीकाकरण की शुरूआत हुई। आज टीका लगवाने रायगढ़ शहर के साथ आसपास के लोग वैक्सीनेशन केन्द्र पहुंचे। टीकाकृत लोगों ने अपने अनुभव बांटते हुये कहा कि टीका लगवाने से किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव नहीं हुआ। नागरिकों के लिये टीकाकरण हेतु नियत की गई श्रेणी के सभी व्यक्तियों को यह टीका अवश्य लगवाना चाहिये। आज नागरिकों के टीकाकरण के प्रथम दिन 60 वर्ष से अधिक उम्र के 337 तथा 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारी से पीडि़त 36 व्यक्ति सहित कुल 373 लोगों को टीके लगे।
रायगढ़ के बैकुण्ठपुर निवासी अशोक मिश्रा ने बताया कि टीकाकरण की जानकारी मिलने पर वे आज टीका लगवाने पहुंचे। टीकाकरण के पश्चात उन्हें किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव नहीं दिखा। इसी प्रकार तारापुर गांव की पुनाबाई अपने पति के साथ टीका लगवाने मेडिकल कालेज पहुंची थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने 60 वर्ष से अधिक व्यक्तियों के टीकाकरण प्रारंभ होने की जानकारी दी जिसके पश्चात वे आज यहां आयी है तथा 28 दिन बाद टीके का दूसरा डोज लगवाने आयेंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ में टीकाकरण के लिये 06 वैक्सीनेशन केन्द्र बनाये गए हैं। रायगढ़ में बनाये गये केन्द्रों में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामभंाटा, संत माईकल स्कूल रामभांठा व मेडिकल कॉलेज रायगढ़ शासकीय वेक्सीनेशन साइट है साथ ही 3 निजी अस्पतालों जिंदल अस्पताल, मेट्रो अस्पताल व जेएमजे हॉस्पिटल में भी टीके लगाये गये। शासकीय अस्पतालों में यह टीके नि:शुल्क लगाए जा रहे है वहीं निजी अस्पतालों में टीकाकरण के लिए प्रति व्यक्ति अधिकतम 250 रुपये का शुल्क देना होगा।
45 से 59 वर्ष के मध्य आयु वर्ग वाले गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को टीकाकरण के लिए फोटो पहचान पत्र के साथ मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा रजिस्टर्ड चिकित्सक द्वारा उसकी बीमारी के संबंध में जारी प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा। जिसे टीकाकरण के लिये साथ लाना होगा।
टीका लगवाने के लिए नागरिकों को पंजीयन करना होगा। यह पंजीयन ऑनलाईन व ऑनस्पॉट तरीकों से हो सकेंगे। ऑनलाईन पंजीयन के माध्यम से सभी वैक्सीनेशन केन्द्रों में टीके लगवाये जा सकेंगे। वहीं ऑनस्पॉट पंजीयन की सुविधा सिर्फ शासकीय वैक्सीनेशन केन्द्रों में मिलेगी।
ऑनलाईन पंजीयन- के लिये 01 मार्च से को-विन 2.0 अथवा आरोग्य सेतु एप के माध्यम से कोविड टीकाकरण हेतु पंजीयन कराया जा सकता है। पंजीयन के दौरान पोर्टल अथवा एप में लोकेशन के आधार पर सरकारी तथा निजी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर की सूची प्रदर्शित होगी। जिससे लाभार्थी टीकाकरण हेतु वैक्सीनेशन सेंटर तिथि व समय का चयन कर सकेंगे। 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारी से पीडि़त व्यक्तियों को अपना प्रमाण-पत्र पोर्टल में अपलोड करना होगा तथा उसकी हार्डकापी टीकाकरण केन्द्र पर लेकर जाना होगा।
आनस्पॉट पंजीयन व टीकाकरण- यह सुविधा सिर्फ शासकीय वैक्सीनेशन केन्द्रों पर मिलेगी। इसके लिये फोटो आईडी कार्ड के साथ शासकीय वैक्सीनेशन केन्द्र में जाकर तत्काल मौके पर ही रजिस्टे्रशन कर टीका लगवाया जा सकेगा। 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारी से पीडि़त व्यक्तियों को इसके लिये चिकित्सक द्वारा अपनी बीमारी के संबंध में जारी प्रमाण-पत्र साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा।
व्हाटसअप से भी हो सकेगा टीकाकरण के लिये पंजीयन
टीकाकरण के लिये व्हाटसअप के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके लिये टीकाकरण करवाने वाले व्यक्ति का नाम, उम्र, जन्म तिथि, मोबाईल नंबर, पहचान पत्र का प्रकार तथा उसका क्रमांक एवं टीकाकरण शासकीय केन्द्र में करवाना चाहते है अथवा निजी अस्पताल में यह जानकारी इसी क्रम में व्हाटसअप मोबाइल नंबर 76479-21157 में भेज सकते है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के गंभीर बीमारी से पीडि़त व्यक्ति जो इस प्रकार पंजीयन करवाना चाहते है उन्हें उपरोक्त जानकारी के साथ चिकित्सक द्वारा उनकी बीमारी के संबंध में जारी प्रमाण-पत्र की फोटो भी उक्त व्हाटसअप नंबर पर भेजनी होगी। इन सब जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण के लिये संबंधित व्यक्ति का पंजीकरण किया जायेगा।
टीका लगाने लाना होगा फोटो पहचान पत्र
टीकाकरण के लिए व्यक्ति को अपने साथ फोटो पहचान पत्र लाना होगा। जिनमें आधार कार्ड, वोटर आई डी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर स्मार्ट कार्ड तथा फोटो युक्त पेंशन पत्र में से कोई एक पहचान पत्र लाना होगा। 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को टीकाकरण के लिए उक्त पहचान पत्रों के साथ पंजीकृत चिकित्सक द्वारा प्रमाणित किया हुआ संबंधित बीमारी का प्रमाण पत्र भी लाना होगा। जिसके आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।