बसना : शहीद मनोज की याद में कवि सम्मेलन का आयोजन, बसना से शामिल हुए प्रेमचंद साव एवं डिजेन्द्र कुर्रे
वीर शहीद मनोज कुमार बरेठ के स्मृति में कला कौशल साहित्य संगम के संस्थापक कौशल महंत के संयोजन में एवं हास्य व्यंग्य के फनकार शशि भूषण स्नेही के संचालन में राज्य स्तरीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन कुम्हारी कला बाराद्वार में किया गया।इस विराट कवि सम्मेलन में बसना से प्रेमचंद साव एवं डिजेन्द्र कुर्रे के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य के प्रसिद्ध गीतकार पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान से सम्मानित मीर अली मीर,प्रसिद्ध हास्य कवि कृष्णा भारती,प्रसिद्ध गजल गायिका व गीतकार संतोषी श्रद्धा महंत,हास्य व्यंग्य के कवि शशि भूषण स्नेही,अन्नपूर्णा पवार आहुति,जगबंधुराम यादव,कुमार कारनिक आदि कवियों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे की वंदना से संतोषी श्रद्धा महंत के मधुर स्वरों से किया गया।वीर शहीदों की बखान करते हुए अन्नपूर्णा पवार ने देश प्रेम से ओतप्रोत रचना का बेहतरीन प्रस्तुति दी।चीन को चेतावनी देते हुए डिजेंद्र कुर्रे ने बेहतरीन मुक्तक विधा में प्रस्तुति दिए।बसना के कवि प्रेमचंद साव ने देशप्रेम से ओजप्रोत कविता का पाठकर छत्तीसगढ़ी गीत का भी शानदार प्रस्तुति दिए।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गजल गायिका एवं गीतकार संतोषी श्रद्धा महंत ने देश की माटी का गुणगान करते हुए अपने गीत व गजल के माध्यम से देश के जवानों, समाज के उत्थान में योगदान देने वाले साहित्यकारों,देश के शूरवीरों के सम्मान में काव्य पाठकर सभी दर्शकों को रोमांचित कर कार्यक्रम में समा बांँधी।नैना निक लागे ना छत्तीसगढ़ गीत गाकर श्रोताओं को अपनी आवाज से मंत्रमुग्ध कर दी। प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य कवि कृष्णा भारती ने हंँसी के पटाखों से मंच में हास्य व्यंग्य परोस कर दर्शको एवं श्रोताओं को हंँसा-हंँसाकर लोटपोट कर दिए। सुंदर भावपूर्ण छंद का पठन कर जगबंधु राम यादव ने श्रोताओं का मन मोह लिया।कला कौशल साहित्य संगम के संस्थापक कौशल महंत ने अपने काव्य के माध्यम से वीर शहीद मनोज कुमार बरेठ के जीवनी पर आधारित मधुर गीत एवं किसानों के बारे में बेहतरीन प्रस्तुति दिए।
छत्तीसगढ़ के लोककवि मीर अली मीर ने अपनी प्रसिद्ध कविता नंदा जाही का रे,नंदा जाही एवं देश प्रेम से ओतप्रोत वंदे मातरम् का काव्य पाठ किया। इसके जरिए उन्होंने युवाओं एवं ग्रामवासियों को छत्तीसगढ़ की विलुप्त हो रही ग्रामीण संस्कृति, रीति-रिवाजों व संस्कारों की याद दिलाते हुए मिट्टी की महक भरी कविता ठेठ छत्तीसगढ़ी शब्दों के साथ सुनाकर सभी उपस्थित ग्रामीणजन एवं साहित्यकारों को मिट्टी की खुशबू से सराबोर कर दिया।साहित्यकार कुमार कारनिक ने बेटियों पर आधारित रचनाएंँ पढ़ी।
कार्यक्रम के अंत में संचालन कर रहे शशिभूषण स्नेही ने छत्तीसगढ़ी में घनाक्षरी एवं छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से सभी श्रोताओं का अपनी मधुर आवाज से मन मोह लिया।तत्पश्चात् कला कौशल साहित्य संगम के संस्थापक कौशल महंत एवं मंच के सदस्यों द्वारा वीर शहीद के पिता ननकीराम बरेठ एवं भाई रमेश कुमार बरेठ को श्रद्धांजलि संदेश सौंपकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चंद्रशेखर यशवंत जोशी सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी एवं अध्यक्षता प्रदीप गोविंदराव देशपांडे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।शहीद मनोज सेवा समिति कुम्हारी कला एवं मुख्य अतिथि के द्वारा उपस्थित समस्त साहित्यकारों को शाल,श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।