खबर छापने से तिलमिलाये नेताजी ने पत्रकार घर मे की तोडफ़ोड़...नेतागिरी के आड़ में गुंडागर्दी अब बर्दाश्त नही-पत्रकार संघ
रायगढ़-वर्तमान में सच उज़ागर करना मतलब खुद के पैर में कुल्हाड़ी मारने के बराबर हो गया है।नेतागिरी और गुंडागर्दी के बीच पिसते कलमकारों में असुरक्षा की भावना दिन-ब-दिन बढ़ते जा रही है।छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई जिला या ब्लॉक नही बचा जहाँ जनता की आवाज कहे जाने वाले पत्रकारों को या तो धमकाया जाता है या उनसे मारपीट की जाती है।
राजनीति करने या किसी राजनीतिक पार्टी में जुड़ने के बाद कुछ व्यक्ति खुद को किसी तोपचन्द से कम समझने की कोशिश ही नही करते , क्योंकि इनके पार्टी के आकाओं का वर्द्धहस्त जो इनके सर पे रहता है और कानून इनके आकाओं के जेब मे..!
सरकार और कानून ये भूलने की जुर्रत कर बैठी है कि कलम की ताकत तलवार से अधिक होती है। कलम की ताकत ने जाने कितने हिटलर और तानाशाहों को उखाड़ फेंका है। एक कलमकार ही हैं जिसके डर से कुछ रूप में भ्रस्टाचार पे अंकुश लगा हुआ है वरना वो दिन दूर नही जब कुछ भ्रस्ट लोग देश ही बेच डालते।
ताजातरीन घटना रायगढ़ की है जहां खबर प्रकाशन के नाम पर वरिष्ठ पत्रकार के घर बीते दिनांक 9 मार्च 2021 की सुबह 12 बजे कुछ भू-माफियाओं और अवैध खनन में संलिप्त दबंगों ने बालात प्रवेश कर उन्हें सपरिवार धमकाए जाने तथा बुरा परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।। मामले को लेकर सभी पत्रकार साथियों में गहरा आक्रोश है।। इस घटना की जानकारी माननीय प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री हेमन्त थवाईत जी को पीड़ित पत्रकार साथी के द्वारा अगले दिन ही दे दी गई थी। घटना को लेकर पीड़ित पत्रकार के घर सी सी टी वी फुटेज को निकाले जाने का प्रयास किया किया जा रहा है। माननीय अध्यक्ष महोदय और वरिष्ठ सदस्यों की सलाह के बाद जिला पुलिस अधीक्षक महोदय को लिखित ज्ञापन देकर इस कृत्य में संलिप्त लोगों के विरुद्ध एफ आई आर की मांग की जाएगी वही आदतन बदमाश एक जमीन माफिया को जिला बदर किये जाने की मांग पत्रकार साथी कलेक्टर साहब से करेंगे।
घटना की सूचना सम्बन्धित थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी है।।
जल्द कार्यवाही नही हुवी तो होगा उग्र आंदोलन-नरेश चौहान
नरेश चौहान ने कहा उन्हें पूरा भरोसा है कि जिले के संवेदनशील पुलिस अधीक्षक श्री सन्तोष कुमार सिंह घटना को लेकर निष्पक्ष और तीव्रता से कारवाही करेंगे। घटना को अंजाम देने वाले दबंग आरोपियों की सामाजिक छवि बेहद खराब है। उनके द्वारा क्षेत्र में आतंक राज कायम किया गया है। भाजपा शासन में राजनीतिक संरक्षण की आड़ में माफियागिरी करने वाले इन असमाजिक तत्वों को कानून और पुलिस का भय कतई नही रहा है। इनके द्वारा वर्ष 2013-14 में पत्रिका के ब्यूरो हेड वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण त्रिपाठी पर जानलेवा हमला भी किया गया था।घर घुसने वाले दो प्रमुखों में एक भारतीय जनता पार्टी की आड़ में तमाम आपराधिक कार्यों को अंजाम देता रहा है। अख़िल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिती आने वाले दिनों में उक्त व्यक्ति को भाजपा से बाहर किये जाने की मांग पार्टी के प्रदेश कमिटी से करेंगे। वही जो दूसरा प्रमुख बदमाश है वो जमीन माफिया के नाम से जाना जाता है,उसके विरुद्ध हाल ही एक आदिवासी दम्पत्ति ने जानलेवा हमला करने के अलावा जबरन उनकी भूमि पर कब्जा करने की शिकायत की है। समिती उक्त मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक महोदय के संज्ञान में लाएगी। जिलाधीश महोदय से मिलकर उक्त कुख्यात भूमाफिया को जिला बदर करवाने की मांग की जाएगी।
यद्यपि इनके पुराने अपराधिक रिकार्डों को देखते हुए इनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया ही एफ आई आर दर्ज की जानी चाहिए थी ।। समय रहते ऐसा नही होने पर प्रदेश भर के पत्रकारों में सरकार और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध निगेटिव मैसेज जाएगा। वे जल्दी ही अन्य पदाधिकारियों के साथ रायगढ़ आने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि यदि पुलिस से समय रहते न्यायोचित सहयोग नही मिला तो मजबूरन पत्रकार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।।