ग्रामीणों के राशन हड़प नही मिला चैन..तो सरपँच-सचिव ने मिलकर ख... - CG Sandesh

ग्रामीणों के राशन हड़प नही मिला चैन..तो सरपँच-सचिव ने मिलकर खा लिया शौचायल और कोरोनकाल का पैसा..! जनपद अधिकारी और बाबूओं पर सरंक्षण के आरोप...

धरमजयगढ़ कहने को सरकार द्वारा आम जनता के लिए दर्जनों योजना लाया गया है जिसके पालन से गाँव की तस्वीर बदल सकती है, परन्तु पँचायत स्तर पर पहुंचते पहुंचते किस कदर उन योजनाओं की गला घोटी जाती है देखने के लिए आपको रायगढ़ जिले की रुख करना पड़ेगा।शासन की महत्वाकांक्षी योजना गरीबों का राशन योजना है। इसके बाद बाकी सारी योजनाओं के लाभ से अधिकतर ग्रामीण वंचित रह जाते हैं जिसका एकमात्र मुख्य कारण पंचायत के सरपंच और सचिव होते हैं। 

विधवा पेंशन, आवास योजना, शौचालय निर्माण, रोजगार गारंटी जैसी बाकी योजनाओं का जमीनी स्तर पर नामोनिशान तक देखने को नही मिलता। ऐसे में ग्रामीण शिकायत भी करें तो महज मुख्यालय से आगे इनकी आवाज या तो दबा दी जाती है या फिर जनपद के अधिकारी या बाबुभैया भेंटपुजा कर इनकी गलतियों पर पर्दा डालकर इनके हौसले बुलंद कर देता है। खैर मामला लैलूंगा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ढाप का है। जहां अनिमितता, फर्जी आहरण के साथ ही राशन वितरण में धांधली बरतने की शिकायत सामने आई है। यहां के राशन हितग्राहियों को बीस रुपये किलो शक्कर दिया जा रहा है और मिट्टीतेल हितग्राहियों को बिना बांटे ऑनलाइन वितरण किया जा रहा है। ऐसी धांधली से त्रस्त ग्राम पंचायत ढाप के ग्रामीणों ने हल्ला बोला है।

हितग्राहियों के मिट्टीतेल की काला-बजारी

सर्वप्रथम हम बात करते हैं इस पंचायत में चल रहे राशन वितरण धांधली की जिसमें गांव के हितग्राहियों ने बताया की उन्हें बीस रुपये प्रतिकिलो शक्कर दिया जा रहा है साथ ही मिट्टीतेल की कालाबाजारी किस स्तर पर यहां हावी है ये इस पंचायत के हितग्राही से बेहतर भला कौन बता सकता है। गांव की महिलाओं के अनुसार कई ऐसे परिवार है जिन्हें मिट्टीतेल चार-पांच माह तक नहीं मिला है। लेकिन मिट्टीतेल का वितरण ऑनलाइन दिखा रहा है। ऐसे में नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के सामने पंचायत में चल रहे जंगलराज से छुटकारा दिलाने की फ रियाद लगाई है।

शौचालय मरम्मत, बोर खनन और कोरोनाकाल का फर्जी बिल

वहीं ग्राम पंचायत ढाप के वार्डपंच ने बताया कि इस गांव में कोरोनाकाल के दौरान भोजन के नाम पर फर्जी बिल लगाकर राशि आहरण की गई है। साथ पंचायत में दो बोर खनन करवाया गया है जबकि 4 बोर खनन करने का बिल सरपंच-सचिव द्वारा लगाने का आरोप भी गहराता जा रहा है। इसके अलावा शौचालय मरम्मत के नाम पर भी फ र्जी आहरण कर लाखो रुपयों की बंदरबांट कर ली गई किन्तु किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से इनके हौसले बुलंद हो रहे हैं। वार्डपंच ने आगे बताया कि इस पंचायत के प्रत्येक कार्य में अनिमितता तो बरती गई साथ ही कई फ र्जी बिल का आहरण कर शासन को चुना लगाने का काम किया जा रहा है।

इस मामले की मुझे कोई जानकारी नही-मुख्य कार्यपालन अधिकारी भजन साय

इस मामले की अभी मुझे कोई जानकारी नहीं है और ना ही कोई शिकायत तक मिली है अगर ऐसा हुआ है तो जांचकर जल्द ही कार्यवाही की जायेगा।
भजन साय मुख्यकार्यपालन अधिकारी, लैलूंगा


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