पुसौर में हो रहा मास्क के नाम पर अवैध वसूली..! बिना जुर्माने का कारण दर्शाये वसूला जा रहा प्रति व्यक्ति 100 रुपये..वसूलीकर्ता स्वयं नही कर रहे नियमों का पालन....देखें वीडियो
पुसौर कोरोना के बढ़ते प्रकरण ने साशन की माथे पर चिंता की लकीर उकेर दी है। जिस पर सरकार द्वारा सभी कलेक्टरों को मास्क पहनने हेतु अनिवार्यता आदेश के परिपालन हेतु निर्देशित किया है। इसी फलस्वरूप संवेदनशील कलेक्टर भीमसिंह ने भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को आम जनता को जागरूक करने एवं कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है, जो कि जनता के भलाई हेतु अच्छी कदम है।
परन्तु निर्देश के आड़ में आम जनता से बिना नियम पालन किये और जुर्माने की वजह दर्शाये बिना रसीद काटना अवैध वसूली नही तो क्या है.?
बोरोडिपा चौक पुसौर में जुर्माने की रसीद काटने वाला कर्मचारी स्वयं नही कर रहा मास्क नियम का पालन:-
पुसौर के मुख्य तिराहा माने जाने वाला बोरोडिपा चौक प्रशिद्ध है जहां सबसे अधिक वाहनों का आना जाना लगे रहता है जो किसी भी बेरिकेट हेतु सर्वथा उपयुक्त रहता है। इसी चौक में पुलिसकर्मी, कुछ नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ मास्क चेकिंग कर रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति जो मास्क नही पहना है अथवा गलत ढंग से नाक के नीचे पहना है,या गले मे लटकाया है उससे 100 रुपये जुर्माने के तौर पर लिया जा रहा है। जब एक पत्रकार भी अपने साथी के साथ फील्ड भ्रमण करके आ रहे थे तो उन्होंने नाक के नीचे मास्क पहना था जिसे रोककर फ़ाईन भरने पुलिसकर्मियों द्वारा कहा गया , नियमो के पालन और गलती स्वीकारते हुवे बिना अपना परिचय बताये उन्होंने 100 रुपये का जुर्माना भी भरा।
रसीद काटने वाला स्वयं नही कर रहा मास्क नियम का पालन:-
जब पत्रकार ने बिना परिचय बताये रशीद के पैसे दिए तो उक्त कर्मचारी को कहा कि सर आप आम जनता को नियम की दुहाई देकर रशीद काट रहे हैं और स्वयं मास्क नियम का पालन नही कर रहे तो लोगों में गलत मैसेज जाएगा कृपया ठीक से पहन लें, तो उपरोक्त कर्मचारी द्वारा मेरे को सिखाने वाले कौन होते हो कहकर अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया।
जुर्माने के कारण उल्लेख किये बिना दी जा रही रसीद, कोर्ट में अपील करो कहकर दी जा रही धमकी...!
जब पुनः रशीद पर नजर पड़ी तो किसी भी व्यक्ति के रशीद में जुर्माने का कारण दर्शाया ही नही गया था। जिससे कोई भी आसानी से समझ सकता है कि उनकी मंशा क्या है। क्योंकि नियमानुसार चाहे वो 1 रुपये का अर्थदंड क्यों न हो उसका कारण दर्शाना अनिवार्य है। लेकिन यहां एसडीएम और थाना प्रभारी के नाम से 100 रुपये वसूली करने वाले कर्मचारी जुर्माने का कारण ही दर्शा नही रहे। उल्टा लोगों को कोर्ट में अपील करो कहकर धमका रहे हैं।
जब पत्रकार ने बताया पहचान और नियम तो तब उड़े होश...!
आम आदमी की बात को हवा में उड़ाने वाले कर्मचारियों को जब उन्होंने अपना पहचान बताया और पूछा कि नियम सिर्फ आम जनता के लिए होती है, या जिम्मेदारों के लिए, और अगर आम जनता 100 रुपये जुर्माने दे रहे हैं तो आप जैसे जिम्मेदार व्यक्ति की क्या जुर्माना होगी तो उपस्थित टी आई साहब उक्त कर्मचारी को बोलने लगे कि आप भी अपने नाम मे 100 रुपये का रशीद काट दो।
परन्तु जब बिना कारण दर्शाये रसीद क्यों काटी जा रही है पूछा गया तो न तो टी आई साहब कुछ बोल पाये न तो एसडीएम साहब...!