नगर पंचायत बसना में नहीं की जा रही अनलिमिटेड गोबर की खरीदी, किसानों ने की मुख्यमंत्री से शिकायत.
राज्य की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत नरवा, गरूवा, घुरूवा व बाड़ी का संरक्षण एवं संवर्धन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में गौठान स्थापित किया जा रहा है. राज्य शासन द्वारा गौठान की गतिविधियों में विस्तारण करते हुये गोठान में गोबर क्रय करते हुए संग्रहित गोबर से वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार करने हेतु गोधन न्याय योजना का प्रारंभ 20 जुलाई 2020 से किया जा चूका है.
गोधन न्याय योजना के चलते कई लोगों को इसका लाभ मिला है, प्रदेश में गोबर बेचकर कई लोगों ने दो पहिया वाहन, मोबाइल और अपनी जरूरतों को पूरा किया है. प्रदेश के लोग गोधन न्याय योजना से खासे खुश नजर आते हैं. इस योजना की चर्चा ना केवल प्रदेश में बल्कि पुरे देश में है.वर्तमान में महासमुंद जिले के गौठान पुरे प्रदेश में चर्चा पर है, यहाँ के गौठान में चल रही अच्छी गतिविधियों के कारण 15 मार्च को कांकेर ज़िले का समूह दल महासमुंद पहुंचकर यहाँ अवलोकन किया.
इस योजना से समूह की महिलाओं अथवा गौ पालकों को लाभ भी मिल रहा है. लेकिन नगर पंचायत बसना में इस योजना के साथ प्रदेश के मुख्यमत्री की मंशा पर भी पानी फेर दिया जा रहा है. जिसके चलते बसना नगर पंचायत के 30 पंजीकृत किसान बसना तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपा है.
बसना नगर पंचायत के पंजीकृत किसानों का कहना है कि नगर पंचायत बसना द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार को धन न्याय योजना के तहत पहले अनलिमिटेड गोबर की खरीदी की जा रही थी, जिसमें नगर पंचायत बसना के कांटे में फर्क आने पर उक्त काटे को ठीक करवाया गया. जिसमें कुल खरीदी के हिसाब से 7 जनवरी 2021 तक कुल 1 लाख 53 हजार 929 क्विंटल गोबर की खरीदी हुई. जिसमें कांटे के फर्क के हिसाब से देखा जाए तो 20% के हिसाब से 30,785 क्विंटल गोबर फर्क आने का अनुमान है. जो कि नगर पंचायत बसना द्वारा कांटे में जानबूझकर किसानों को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से उक्त कृत्य किया गया है.
किसानों ने बताया कि इस संबंध में नगर पंचायत के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी को इस बात हेतू पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि अब सिर्फ 1 सप्ताह में तीन दिवस और एक किसान से मात्र 15 किलोग्राम गोबर खरीदने की बात छत्तीसगढ़ शासन के मौखिक आदेशानुसार कहा गया तथा आदेश की प्रति दिखाने हेतु कहने पर उन्होंने कहा कि तुमको जाओ जो करना है कर लो. इस प्रकार नगर पंचायत बसना में 30 किसान गोबर बेचने के लिए पंजीकृत है जिनके साथ विश्वासघात किया जा रहा है और भारी मनमानी करते हुए नियम विरुद्ध कार्य किया जा रहा है जबकि विकासखंड बसना के पूरे जनपद क्षेत्र में अनलिमिटेड गोबर की खरीदी की जा रही है तो फिर अकेला नगर पंचायत बसना में 1 सप्ताह में सिर्फ तीन दिवस में एक किसान से मात्र 15 किलोग्राम गोबर खरीदी का मामला कितना सत्य है इसकी उच्च स्तरीय जांच कार्यवाही से सच्चाई सामने आ सकती है.
किसनों ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रकरण कि जिला स्तर पर उच्च स्तरीय जांच कार्यवाही करते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध विधि संगत ठोस दंडात्मक कानूनी कार्यवाही करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के इस योजना का समुचित लाभ क्षेत्रीय कृषकों को प्राप्त हो ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु ज्ञापन सौंपा है.