पर्यावरण नियमों का पालन नहीं कर रहे अधिकांश क्रशर व चूनाभठ्ठ... - CG Sandesh

पर्यावरण नियमों का पालन नहीं कर रहे अधिकांश क्रशर व चूनाभठ्ठा उद्योग…महज कुछ पर ही कार्रवाई की खानापूर्ति...

सारंगढ तहसील व वर्तमान में तहसील घोषित पर सारंगढ अनुविभाग के अन्तर्गत शामिल बरमकेला तहसील के अन्तर्गत शामिल गुडेली टिमरलगा कं टगपाली इत्यादि में सैकड़ों क्रसर उद्योग चूना भठ्ठा व खदान स्थापित हैं जिसमें से अधिकांश में पर्यावरण सरंक्षण के कई नियमों का पालन नहीं हो रहा है तथा इनके मशीनो के चलते समय इनके आस-पास से गुजरने पर व्यक्ति धूल से सराबोर हो जाता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन क्षेत्रों की सडकों पर से अक्सर ओवर लोड डम्फरों व ट्रेक्टरों इत्यादि के आवाजाही के कारण यहाँ की सडकें हमेशा गढ्ढों व धूल से भरी हुई होती है जिनका कोई खास प्रभाव उक्त उद्योगों के संचालकों के ऊपर कुछ खास रूप से नहीं पडता है क्योंकि ये संचालक अपनी एसी गाडिय़ों में आते हैं वो भी कभी-कभार तथा आते भी हैं तो एसी व ग्लास प्रूफ कमरों में बैठते हैं ।परन्तु उक्त उद्योगों के आस-पास के रहवासियों पर इन उद्योगों से उठने वाले असहनीय डस्ट व सडकों के धूल का खासा प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि कुछ वर्षों पूर्व एक केन्द्रीय टीम जो कि इन उद्योगों के निरीक्षण के लिए आयी थी उसने अपनी जांच रिपोर्ट में यह कहा था कि इन उद्योगों के आस-पास के रहवासियों की औसत आयु कई वर्ष घट रही है जिसका प्रमुख कारण इन उद्योगों में पर्याप्त ऊंचाई के बाऊण्ड्री का ना होना व पर्याप्त मात्रा में वृक्षारोपण कर पौधों को जीवित ना रख पाना इत्यादि सहित अन्य कई पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन नहीं होने के कारण यहाँ के नागरिकों को त्रासदी झेलना भी पड़ रहा है। 


वहीं दूसरी ओर कुछ वर्षों पूर्व ग्राम धौराभाठां के कुछ ग्रामीणों ने सारंगढ एसडीएम सहित तत्कालीन कलेक्टर को भी यह शिकायत किया गया था की उक्त प्रकार के उद्योगों में से कुछेक द्वारा रात को भारी विस्फोट कर पत्थर तोडा जाता है जिससे उनका सोना भी दूभर हो जाता है कुछ ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि रात को यही क्रम अब भी जारी है। वहीं दूसरी ओर यह भी पता चला कि उक्त प्रकार के उद्योगों में से कई को लीज पर भूमि दिया गया है जिसमें से कई ने अवधि समाप्त होने के बाद भी नवीनीकरण नहीं करवाया है।

उक्त प्रकार के उद्योगों में से कुछेक पर खनिज विभाग व स्थानीय टीम द्वारा कार्रवाई किया गया है परन्तु यह पर्याप्त नजर नहीं आता है। कुछ दिनों पूर्व एक आश्चर्यजनक स्थान ग्राम पंचायत खम्हारपाली के भाटाकोना जो कि सघन वन क्षेत्र के आस-पास नजर आता है पर भी एक दो क्रसर उद्योग के साथ कार्रवाईकी जानकारी मिली है जिसमें से भाटाकोना के क्रसर उद्योग को पहले भी सील कर दिया गया था पर इसका दुबारा शुरू होना भी कर प्रकार के संदेह को जन्म दे रहा है।

क्या पक्षपात पूर्ण होती है कार्यवाही-

अगर दबे शब्दो मे लोगों की माने तो राजनीतिक दवाब भी कार्यवाही में काम करती हैं जहां अपने चहेतों को अभयदान देकर अन्य पर खनिज विभाग कार्यवाही कर रही है। जबकि कई ऐसे क्रशर और चूनाभट्टी अभी भी धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं जहां नियमो को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। अगर लोगों की बात में जरा भी सत्यता है तो संवेदनशील कलेक्टर को इस पर ध्यान केंद्रित कर निष्पक्ष कार्यवाही हेतु आदेशित करने की आवश्यकता है।


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