खल्लारी थाना क्षेत्र में शराब माफियाओं का बोलबाला ! - CG Sandesh

खल्लारी थाना क्षेत्र में शराब माफियाओं का बोलबाला !

महासमुंद - किसी भी थानेदार के इलाके में अवैध शराब की बिक्री हुई तो उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। इसकी वजह से उन्हें निलंबित किया जाएगा। यही नहीं इलाके के एसपी की भी लापरवाही मानी जाएगी। डीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी एसपी से कहा है कि अवैध शराब की बिक्री, उत्पादन और सट्टा के मामले सामने आने पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करें। अवस्थी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विधानसभा में घोषणा के बाद इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के सकेत भी दिए हैं। उन्होंने एक फरमान भी जारी किया है। इसमें कहा है कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री और सट्टे का मामला सामने आने पर तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित पुलिस अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। बघेल ने राज्य में अवैध शराब की बिक्री और सट्टे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विधानसभा में भी मुख्यमंत्री ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी तय करने की बात कही। डीजीपी के अनुसार किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने संबंधित थाना प्रभारी पर निलंबन की कार्रवाई करते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में एक ही ऐसा मामला सामने आया है -

डीजीपी डीएम अवस्थी ने पचपेड़ी थाना प्रभारी सुनील तिर्की के विरूद्ध शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की है। निलम्बन अवधि में निरीक्षक सुनील तिर्की को रक्षित केंद्र जिला मुख्यालय बिलासपुर में सम्बद्ध किया गया है।

जबकि महासमुंद जिले की बात करें तो कई थाना क्षेत्रों में खुलेआम शराब बिक रही है जिसमें से एक खल्लारी थाना क्षेत्र के लगभग 25 गांव में धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री जारी है और तो और खल्लारी थाना से महज 500 मीटर की दूरी पर ही शराब माफियाओं का सबसे बड़ा अड्डा है फिर भी कार्यवाही नही होती जो बेहद निन्दनीय है जिसके नाम कुछ इस प्रकार हैं -1 आवराडबरी , 2 बि. के. बाहरा, 3 कोमा, 4 झारा, 5 पाली, 6 सोरम सिंघी, 7 मोहंदी चरौदा बांध 8 कन्हारपुरी 9 म. क. बाहरा 10 जोरातराई 11 रैताल 12 भीमखोज 13 ओड़िया डेरा , 14 ओंकारबंद 15 मामा भाँचा 16 बोहारडी आदि.. जिसके चलते छोटे छोटे बच्चे, युवा, बुजुर्ग हर वर्ग के लोग नशे के आदि हो चुके हैं जिससे समाज में अशांति पैदा हो रही है। और घरेलू हिंसा, रोड़ एक्सिडेंट, लड़ाई झगड़े जैसे मामले बढ़ते जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर


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