क्रशर उद्योगों में कहर ढाने वाला माइनिंग विभाग की रेत तस्करो... - CG Sandesh

क्रशर उद्योगों में कहर ढाने वाला माइनिंग विभाग की रेत तस्करों पर मेहरबानी क्यो..!

रायगढ़-सारंगढ़ क्षेत्र में आने वाले रेत घाट बरभांठा-जसरा में तो कोई सरदार जी को ठेकेदारी मिला है लेकिन इनका खेल तो बहुत निराला है । वही मिली जानकारी के अनुसार एक रॉयल्टी पर्ची को 10 बार एक गाड़ी में दिया जाता है । जी हां ! हम सही कह रहे हैं यहां पर बहुत सारे ट्रैक्टर ही जाती है और एक रॉयल्टी में 8 से 10 ट्रिप बालू निकाल कर ले आती है । यहाँ शासन को लाखों करोड़ों की चुना लगाया जा रहा है । अगर यहां का रॉयल्टी माइनिंग विभाग जाकर देखें तो पता चल जाएगा कि कितना झोलझाल चल रहा है । इनका जब से ठेकेदारी हुआ है तब से शासन को चुना लगा रहे हैं । माइनिंग विभाग की मजाल है जो इस पर कोई कार्यवाही कर दे यह तो मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंच वाला है । तभी तो यहां पर माइनिंग विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रही है । सबकुछ जान-बूझकर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है , क्योंकि अभी हाल ही दिनों में ट्रैक्टरों पर कार्यवाही की थी तो खुद ठेकेदार माइनिंग ऑफिस में जाकर कहते हैं कि साहब यह तो मेरा ट्रैक्टर है पेनाल्टी जमा कर लो और ट्रैक्टर को जल्दी छोड़ दो । इससे ऐसा प्रतीत होता है कि शासन को यहाँ कितने का चूना लगा चुके होंगे ।


ठेकेदार तो कहता फिरता है कि मैं मंत्री लेवल का आदमी हूं मेरे यहां कोई भी अधिकारी कार्यवाही नहीं कर सकता है । ऐसे ठेकेदार का तो एफ आई आर भी होना चाहिए और माइनिंग विभाग को इसकी ठेकेदारी भी रद्द कर देना चाहिए , लेकिन पता नहीं जब बालू घाट की बात आती है तो माइनिंग विभाग को क्या हो जाता है सांप सूंघ जाता है जैसे लग रहा है । कम से कम साहब सरकारी वेतन लेते हैं तो इस पर तो कार्यवाही करते , इसको क्यों छोड़ देते हैं ? क्रेशर माफियाओं पर तो कहर बनकर टूट जाते हैं और इसको अभयदान दे दिया जाता है । माइनिंग विभाग को भी अपनी आदत से बाज आना चाहिए और इस माफियाओं के ऊपर कार्यवाही करना चाहिए जो एक रॉयल्टी दे कर 10 गाड़ियां लोड करके निकाल रहा है ।


एक ट्रैक्टर में लिया जा रहा है 200 से 300--

जी हां ! हम सही कह रहे हैं अगर आप यहां के बालू घाट बरभांठा-जसरा में जाकर देखें तो आपको पता चल जाएगा कि एक ट्रैक्टर में 200 से 300₹ लिया जा रहा है , ऐसे बता रहे हैं सूत्र । ठेकेदार अपना जेब भरने में लगा हुआ है जब आप ट्रैक्टर लेकर वहां पर जाएंगे तो आपको पता चल जाएगा कि कितना यहां झोलझाल है । अगर कोई किसान रॉयल्टी लेना चाहे तो उसको रॉयल्टी दे दिया जाता है और कहा जाता है कि एक रॉयल्टी में 10 ट्रिप मारो और हमारे पास तीन-तीन सौ रुपया रॉयल्टी का जमा करो । ठेकेदार पूरा लाल हो जा रहा है और माइनिंग विभाग को क्या पता कि यहां क्या-क्या झोलझाल हो रहा है। वह तो सिर्फ क्रेशर माफियाओं पर ही कार्यवाही करने के लिए जानते हैं और ठेकेदार तो उनके रिश्तेदार लगते हैं , इसीलिए तो यहां पर एक बार भी कार्यवाही नहीं हो रहा है।

रॉयल्टी नियमो का खुलेआम उलंघन--

यूं तो रॉयल्टी काटने का नियम कहते हैं कि साफ-साफ अक्षरों में लिखा रहना चाहिए समय और दिनांक लेकिन यहां तो सब उल्टा ही है एक बार दिनांक लिख दिया जाता है कि 3 उसको सुधार कर आठ किया जा रहा है और पांच भी बनाया जा रहा है और शासन को लाखों करोड़ों की इस ठेकेदार द्वारा चुना लगाया जा रहा है।


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