वन भूमि की बेशकीमती लकड़िया काट बना रहे मुर्गी फार्म, ग्रामीणों ने तहसील आफिस का किया घेराव.
बागबाहरा थाना अंतर्गत ग्राम नवाडीह में ग्रामीणों द्वारा वन भूमि में लगाएं गये हजारो की संख्या में बेशकीमती सरई पेड़ है. इस भूमि पर दबंगो द्वारा नवाडीह के कुछ ग्रामीणों को बहला फुसला कर कब्जा कर मुर्गी फार्म बनाना चाहते है, जिस वजह से वन भूमि की लकड़िया को अंधाधुंध कटाई करवा कर मुर्गी फार्म बना दिया गया है. जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.
नवाडीह ग्राम पंचायत कसीबाहरा के ग्रामीणों के अनुसार कुशल रावत पिता तीजउ रावत को वन अधिकार पट्टा के तहत शासन की तरफ से आधा एकड़ भूमि कुशल रावत को मिला है लेकिन कुशल रावत द्वारा जो भूमि वन अधिकार में मिला उसमे मुर्गीफार्म न बना कर, आसपास के वनभूमि पर अवैध रूप से वनभूमि की बेशकीमती सरई पेड़ की कटाई कर अवैध रूप मुर्गीफार्म बना दिया गया है.
शासन कर रही अनदेखी
ग्रामीणों ने बताया कि वन भूमि में अवैध कब्जा लगभग 3 माह से हो चुका है, जब वह भूमि की लकड़ियां काट कर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा था तब ग्रामीणों द्वारा इसका विरोध किया, लेकिन कब्जाधारी पर ग्रामीणों के विरोध का कोई असर नही हुआ और, मुर्गीफार्म का निर्माण जारी रहा. ग्रामीणों द्वारा मामले को लेकर वन विभाग एंव तहसीलदार बागबाहरा को भी शिकायत किया गया था लेकिन कब्जाधारी पर कोई कार्रवाई नही किया गया.
प्रशासन को कुम्भकर्णी नींद से जगाने सड़को पर उतरे ग्रामीण
ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को लिखित शिकायत के बावजूद कार्रवाई न किये जाने पर ग्रामीणों ने प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए बागबाहरा के सड़को पर पैदल मार्च करते हुए पेट्रोल पंप से तहसील कार्यलय बागबाहरा पहुंच कर तहसीलदार के नाम ज्ञापन सौपां, तहसील कार्यलय का मेन द्वार बंद होने से ग्रामीण कार्यालय के बाहर ही धरना पर ही बैठ कर नारेबाजी करने लगे, तब जाकर अधिकारी ज्ञापन लेने बाहर आये और ग्रामीणों का तहसीलदार के नाम ज्ञापन स्वीकार किये.
वहीँ इस मुद्दें में ग्रामीणों के समर्थन में जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चन्द्राकर, जनपद उपाध्यक्ष भेखलाल साहू, हितेश चन्द्राकर पूर्व जिला वनोपज अध्यक्ष, मदन देवांगन पूर्व पार्षद, एवन साहू सरपंच संघ अध्यक्ष, सरपंच हेमन्त सिन्हा, प्रेमशंकर सिन्हा, रमन वर्मा, राजेश ठाकुर, सुन्दर साहू सरपंच ग्राम पँचयत कसीबाहरा, रोहित ध्रुव, झनकू राम यादव एवम ग्रामीणों के साथ मिलकर तहसीलदार को अवैध कब्जा स्थल की जाँच कर अवैध कब्जे की जांच कर शीघ्र कार्रवाई हेतु आवेदन दिया एंव कब्जाधारी के प्रति कोई कार्रवाई न होने कि स्तिथि में ग्रामीणों द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दिया.