एक तरफ घटिया निर्माण कार्यों की चल रही है जाँच..तो दूसरी तरफ... - CG Sandesh

एक तरफ घटिया निर्माण कार्यों की चल रही है जाँच..तो दूसरी तरफ लाखों की राशि आहरण का प्रस्ताव कर दिया पास..आखिर होली पूर्व जल्दबाजी में राशि आहरण क्यों?

घरघोड़ा – दिनोंदिन लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण जिला प्रशासन द्वारा जिले में धारा-144 लागू कर तमाम सार्वजनिक कार्यक्रमों, सम्मेलनों और बैठकों आदि को प्रतिबंधित किया गया है, बावजूद इसके जिला प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए नगर पंचायत घरघोड़ा के सीएमओ द्वारा पीआईसी की बैठक आयोजित की गई है। उक्त बैठक का कुछ पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विरोध भी किया, लेकिन अपने अड़ियल रवैये के लिए जाने जाने वाले सीएमओ प्रधान ने सारी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए बैठक आयोजित कर दी, और बाकायदा विवादित और विचाराधीन निर्माण कार्यों के भुगतान हेतु प्रस्ताव भी पारित कर दिया। बता दें कि यह पूरी कवायद पूर्व में हुए घटिया निर्माण कार्यों के नाम पर लाखों रुपए आहरण करने का प्रस्ताव पास करने के उद्देश्य से किया गया जान पड़ता है, क्योंकि होली के पूर्व राशि आहरण की जल्दबाजी की जा रही है।

इस मामले पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक-11 के पार्षद सुरेंद्र चौधरी ने अनुविभागीय अधिकारी घरघोड़ा को ज्ञापन सौंपकर उक्त पीआईसी बैठक को नियम विरुद्ध बताते हुए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। श्री चौधरी ने कहा कि जहां एक ओर कोविड-19 के मद्देनजर होली को लेकर शासन और जिला प्रशासन ने धारा-144 लागू कर किसी भी प्रकार के आयोजन एवं बैठक पर प्रतिबंध लगाया है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत घरघोड़ा में उक्त आदेशों को मानने से इनकार करते हुए खुलेआम उल्लंघन कर बैठक का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में घटिया तरीके से निर्मित सड़कों जिसकी जांच चल रही है, उसकी राशियों का आहरण करने का प्रस्ताव पास किया गया है जो अनुचित है।

श्री चौधरी ने उक्त अवैध बैठक में पारित प्रस्ताव को नियम विरुद्ध बतलाते हुए कहा है कि पीआईसी के द्वारा राशि आहरण के प्रस्ताव की जानकारी सामान्य परिषद या उच्च अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी, जो कि विधिवत रूप से पीआईसी ने नहीं किया है। इसके लिए सीएमओ पूर्ण रूप से जिम्मेदार है। सीएमओ द्वारा बैठक की लिखित सूचना जारी की गई थी, जो कि शासन प्रशासन की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन है। श्री चौधरी ने उक्त बैठक में पारित प्रस्तावों को निरस्त करते हुए सीएमओ पर कड़ी कार्यवाही की माँग की है।


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