बागबाहरा : होली पर्व पर इस गांव के लोग करते है, आग में चल कर... - CG Sandesh

बागबाहरा : होली पर्व पर इस गांव के लोग करते है, आग में चल कर दांतो तले उंगली दबाने वाले खतरनाक कारनामे

होली का पर्व मान्यताओं एंव परंपराओं का पर्व है,भक्त प्रहलाद की किवंदन्तिआप सभी ने सुनी होगी। उन्हें मारने के इरादे से बुआ होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर आग के बीच बैठी थीं। लेकिन प्रहलाद फिर भी उस आग के बीच से सुरक्षित बाहर आ गए थे। इस चमत्कारी घटना को परंपरा का रूप दिया गया है।

बागबाहरा कोमाखान थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत बोइरगांव में भी एक ऐसा ही परम्परा है जो सदियों से चली आ रही है, बोइरगांव ग्रामीण होलिका दहन की पूर्व रात होलिका दहन के लिए गांव भर से लकड़ी एकत्र करते है। युवा बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग एक साथ रात्रि जागरण कर शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु जी नर्सिंग अवतार सहित भक्त प्रह्लाद तथा होलिका का विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर एकत्र किए लकड़ी में आग लगाया जाता है, और जब आग से जो अंगारे बन कर शेष रह जाते है उन्हें जमीन पर चादर की तरह फैला दिया जाता है, और  लोग जानजोखिम में डालकर अंगारों पर चलते हैं और पूरी तरह सुरक्षित निकलते हैं. 

बोइरगांव के ग्रामीणों द्वारा धधकते अंगारों पे चलने की प्रथा सदियों से चली आ रही है जिसे आज भी यहां के ग्रामीण निभाते आ रहे इस परंपरा में गांव के युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी अंगारों पे चलकर खतरनाक कारनामे दिखाते है. और ताज्जुब की बात यह है जलते आग से बने अंगारे का तापमान लगभग (113 डिग्री फॉरेन हाइट ) होता है इसके बावजूद अंगारे पे लोग कई बार अंगारे चलते है और उनके पैरों पर न छाले पड़ते है और जलते है ग्रामीणों से पूछने से बताते है कि अंगारे में चलने के बावजूद उन्हें अंगारे की तपन महसूस नही होता.


अन्य सम्बंधित खबरें