सराईपाली वन परिक्षेत्राधिकारी ने लॉकडाउन के दौरान कर दिया कमाल, 6 लाख रुपये का किया धमाल...!
महासमुंद वन मंडल अंतर्गत सराईपाली वन परीक्षेत्र अधिकारी ने साल भर पहले कोरोना काल के दौरान कमाल कर दिखाया है। इन्होंने 6 लाख से भी ज्यादा की राशि से निर्माण सामग्री खरीदना एवं मजदूरों से काम करवाना बताकर राशि का हरण कर लिया है। सवाल है कि जब लॉकडाउन में सब कुछ बंद था और सरकार श्रमिकों को राशन बांट रही थी उस दौर में वन परिक्षेत्र अधिकारी महोदय ने कैसे काम करा लिया। इन्होंने लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए काम कराया या फिर काम कराने के नाम पर घोटाले को अंजाम दे दिया। लाखों का काम लॉकडाउन के दौरान कराने की जानकारी आरटीआई में सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लॉकडाउन में कैसे और कहां से हो गई निर्माण सामग्री की खरीदी
हैरान करने वाली बात यह है कि वन विभाग के इस अधिकारी को लॉकडाउन के दौरान कहां से निर्माण सामग्री उपलब्ध हो गई और लाक डाउन में घर के दरवाजे तक बंद थे ऐसे में इस अधिकारी के लिए दुकान के कौन से दरवाजे खुले हुए थे जो इन्होंने वहां से लॉकडाउन के दौरान भी निर्माण सामग्री की खरीदी करने की बहादुरी दिखाई है।
कई तथ्य और सुराग ऐसे हैं जो चीख चीख कर दे रहे भ्रष्टाचार की गवाही:-
इस मामले में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं जो भ्रष्टाचार की गवाही चीख चीख कर दे रहे हैं यह बात और है कि इस चीख पुकार को वन मंडल अथवा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपने कानों में धारण करना चाहते हैं या दूसरे कान से बाहर कर देना चाहते हैं। इस पूरे मामले में सवाल यह भी है कि भ्रष्टाचार के इस खेल में भ्रष्टाचार की रेवड़ी कहां-कहां बांटी गई है और यदि नहीं बांटी गई है तो इस कारनामे की विभागीय जांच अब तक क्यों नहीं बैठाई गई?