कांग्रेसी विधायकों का दबाव आया काम, शासन को हटाना ही पड़ा भ्रष्ट अधिकारी
आख़िरकार पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारी अशोक चतुर्वेदी को राज्य सरकार ने चौतरफ़ा दबाव के चलते हटा ही दिया। चुतर्वेदी के ख़िलाफ़ कांग्रेसी विधायकों ने ही मोर्चा खोल दिया था और सोनिया गांधी से इस बात की शिक़ायत की थी।भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप से घिरे राज्य के अधिकारी अशोक चतुर्वेदी को सरकार ने आईएएस कैडर वाले आजीविका मिशन संचालक का प्रभार दे दिया गया था। जिससे नाराज़ होकर धरसीवां से कांग्रेस विधायक अनीता शर्मा ने आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष के बचे दो दिन में गैर आईएएस चर्तुेेवेदी को प्रभार देकर विभाग ने काला-पीला करने का काम किया है।
इसी पापुनि में भ्रष्टाचार की बात पर विधायक शर्मा ने सोनिया गांधी को पत्र
लिखा था, जिसके बाद अन्य कांग्रेसी विधायकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को
इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया था।
लगातार कांग्रेसी विधायकों के दबाव कारण आखिरकार शासन ने अशोक चतुर्वेदी से
को आजीविका मिशन का प्रभार वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। अशोक
चुतर्वेदी को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और कौशल योजना के संचालक की
अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी।