टीपाखोल जलाशय का होगा कायाकल्प...सैलानियों को बोटिंग सहित अन्य वाटर एडवेंचर्स की मिलेगी सुविधा...
शहर से 10 किलोमीटर दूर जिंदल वर्मी कंपोस्ट प्लांट से आगे पहाड़ों के बीच टीपाखोल जलाशय को सैलानियों और जिलेवासियों के लिए पिकनीक स्पॉट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। कलेक्टर भीम सिंह व जिला पंचायत सीईओ डॉ.रवि मित्तल ने टीपाखोल जलाशय का निरीक्षण कर जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को इसके निर्देश दिए।कलेक्टर सिंह ने टीपाखोल जलाशय के निरीक्षण के दौरान इसके भौगोलिक परिदृश्य की प्रशंसा की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि शहर के नजदीक और चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ यह जलाशय लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ। इसलिए इसे विकसित कर सैलानियों और जिले वासियों के लिए प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण एक अच्छा पिकनिक स्पॉट बनाया जा सकता है। इस दौरान कलेक्टर सिंह ने जलाशय की पूर्ण जानकारी ली। जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि टीपाखोल जलाशय का निर्माण 1975 में कराया गया था। 35 हेक्टेयर में बने इस जलाशय के लेफ्ट बैराज केनाल (एलबीसी) से खैरपुर और कृष्णापुर क्षेत्र की सिंचाई होती है, वहीं राइट बैराज केनाल (आरबीसी) से वर्तमान में कालोनी के रूप में विकसित होने से किसी तरह की सिंचाई नहीं होती है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जलाशय में 30 फुट तक पानी भरा रहता है।
इससे एलबीसी क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों ही समय पर्याप्त मात्रा में
सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसी तरह
की सुविधा नहीं होने के बाद भी यहां विकेंड पर पिकनीक मनाने आने वालों की
भीड़ रहती है। इस पर कलेक्टर सिंह ने कहा कि शहर से पास होने और
मनमोहक प्राकृतिक दृश्य होने के कारण जलाशय को पिकनीक स्पॉट और वाटर
एडवेंचर्स के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। इस दौरान कलेक्टर सिंह ने जलाशय की पिचिंग वर्क, बोटिंग सहित वाटर एडवेंचर्स को शामिल
करते हुए स्टीमेट बनाने और जलाशय को बेहतरीन पिकनिक स्पॉट के रूप में
विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपस्थित आसपास के ग्रामीणों ने मुख्य
मार्ग से जलाशय तक जाने वाली सड़क का सुधार करने और जलाशय के किनारे
रेलिंग लगाने की मांग की। इस पर कलेक्टर श्री सिंह ने रेलिंग वर्क का भी
स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नवपदस्थ सहायक कलेक्टर
सुश्री रोमा श्रीवास्तव, प्रतीक जैन सहित जलसंसाधन विभाग के
अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मनरेगा से होगी जलाशय परिसर की सफाई--
निरीक्षण
के दौरान जलाशय के किनारे और आसपास के क्षेत्र में झाडिय़ां उगने और कचरा
फैलने की बातें सामने आई। इस पर कलेक्टर सिंह ने जलसंसाधन विभाग के
कार्यपालन अभियंता को मनरेगा के तहत जलाशय परिसर में उगे झाडिय़ां, घास व
परिसर में पड़े कचरे की सफाई कराने के निर्देश दिए।
महिला स्व-सहायता समूह को मिले मछली पालन का लाभ--
निरीक्षण
के दौरान जलाशय में मछली पालन करने वाली महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों
ने कलेक्टर भीम सिंह से चर्चा की। उन्होंने बताया कि जलाशय में मछली
पालन के लिए समुचित व्यवस्था करने की मांग की। इस पर कलेक्टर भीम सिंह
ने सहायक संचालक मछली पालन विभाग को समूह की महिलाओं को विभागीय योजनाओं
के माध्यम से लाभान्वित करते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के
निर्देश दिए।