कोरोना काल में जिले के सभी उद्योगपति अपनी नैतिक जिम्मेदारी के नाते प्रशासन की मदद करें- शैलेश मनहर
रायगढ़ को संस्कारधानी के रूप में जाना जाता है जहां बड़े-बड़े कलाविदों ने जन्म लेकर इस धारा को पावन किया, और चहू ओर रायगढ़ की ख्याति को पहुंचाया। यह रायगढ़ महाराजा चक्रधर सिंह की धरती है, यह रायगढ़ तोड़ाराम जोगी जी की धरती है, सेठ किरोड़ीमल जैसे दानवीरों की धरती है। सत्यनारायण बाबा जैसे तपस्वियों की धरती है जहां सभ्यता और संस्कार समाहित है, लेकिन आज परिदृश्य बदल चुका है।
रायगढ़ खनिज संपदा से भरपूर जिला है जहां चारों ओर खनिज भंडार भरे हुए हैं जिनके दोहन के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों की होड़ लगी हुई है जो यहां आकर अपना रोजगार चालू करते हैं और यहां की खनिज संपदा से अपनी पूंजी बनाते हैं लेकिन यह रायगढ़ का दुर्भाग्य है कि आज इस विषम परिस्थिति में वे उद्योगपति रायगढ़ की आम जनता के सुख-दुख के सहभागी नहीं बन पा रहे हैं। जिनको इस धरती ने आबाद किया। जल-जंगल-जमीन सब कुछ उनके लिए कुर्बान किया। अपने गांव को छोड़कर अन्यत्र विस्थापित हुए ऐसे समर्पितों की धरती है रायगढ़।
आज छत्तीसगढ़ प्रदेश फिर से कोरोना की महामारी से लड़ रहा है जिसमें पिछले साल की अपेक्षा इस साल व्यापक स्तर में संक्रमण आम जनता को अपनी चपेट में लेकर मौत के आगोश में ले जाने के लिए आतुर है। जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री समेत सभी प्रशासनिक अधिकारी अपने भरसक प्रयास से कोरोना मरीजों लिए हर एक तरह से सुविधा मुहैया करा रही है लेकिन फिर भी यह सुविधा पर्याप्त नहीं हो पा रही है। हॉस्पिटलों की कमी, संसाधनों की कमी, ऑक्सीजनों की कमी, बेड़ो की कमी से दो-चार होना पड़ रहा है। जबकि इस जिले में सैकड़ों उद्योगों ने अपनी फैक्ट्रियां स्थापित की हुई हैं और कितनों ने सीएसआर मद से हॉस्पिटलों का निर्माण भी कराया हुआ है। इसके बावजूद भी यहां के निवासियों को कोरोना के संकट में किसी उद्योगपतियों से सहायता उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, यह रायगढ़ जिले के लिए दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है। अगर एक-एक उद्योगपति चाहे तो तत्काल आइसोलेशन वार्ड, गहन चिकित्सा वार्ड, ऑक्सीजनों की व्यवस्था, एम्बुलेंसों की व्यवस्था वह कर सकते हैं, जिससे रायगढ़ जिलेवासी भी के उनके इस पावन कार्य की सराहना करेंगे। लेकिन पता नहीं क्यों इन उद्योगपतियों में जनमानस का दुख दर्द दिखाई नहीं दे रहा है। फिर ऐसे में हम क्यों इन उद्योगपतियों को अपने रायगढ़ जिले में स्थापित होने और हमारे जल-जंगल-जमीन को उनके सुपुर्द करें, जो हमारे ही सुख-दुख में साथ ना दे।
सतनामी समाज छत्तीसगढ़ रायगढ़ के जिलाध्यक्ष शैलेश मनहर सभी उद्योगपतियों से विनम्र अनुरोध करते हैं कि इस विषम परिस्थिति में आप आगे बढ़कर रायगढ़ की जनता और कोरोना महामारी से पीड़ित जनों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करें। और प्रशासन की मदद करें। ताकि इस महामारी से रायगढ़ जिला और छत्तीसगढ़ मुक्त हो सके। और आपका भी इस मिट्टी के, रायगढ़ जिले के निवासियों के प्रति जो उत्तरदायित्व है वो भी पूरा हो सके। एक बार पुनः आप सभी सम्माननीय उद्योगपतियों से अनुरोध है कि इस पुनीत कार्य में प्रशासन की मदद करें।